जनसहयोग से बदली स्कूल की तस्वीर, बिना सरकारी मदद दूर हुआ वर्षों पुराना पेयजल संकट
- समाजसेवियों ने दूसरी बार निशुल्क कराया विकास कार्य, ₹12,500 के जनसहयोग से पाइपलाइन, नल और जलापूर्ति व्यवस्था की बहाल
भीमताल (नैनीताल)। जनसहयोग की मिसाल पेश करते हुए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखलढूगा में समाजसेवियों ने बिना किसी सरकारी सहायता या एनजीओ के सहयोग से वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान कर दिया।
समाजसेवी हेमंत गौनिया, क्षेत्र पंचायत सदस्य चिराग बोरा, अमित रस्तोगी, नवल किशोर कपिल और वंश गौनिया ने अपने साथियों के सहयोग से विद्यालय की क्षतिग्रस्त पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कराया।
विद्यालय की करीब 150–200 मीटर लंबी पाइपलाइन कई स्थानों से टूट चुकी थी, जिससे पानी की भारी बर्बादी हो रही थी और विद्यालय तक नियमित जलापूर्ति लगभग बंद हो गई थी। इसके कारण विद्यार्थियों को पेयजल, हाथ धोने और मध्यान्ह भोजन के बाद बर्तन साफ करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
समाजसेवियों ने श्रमिक लगाकर पाइपलाइन की खुदाई कर उसे अंडरग्राउंड कराया, नई पाइपें बिछाईं, मजबूत क्लैंप और सीमेंट से सुरक्षित किया तथा खराब पड़े टुल्लू पंप की मरम्मत कराई।
साथ ही विद्यालय में 10 नए नल लगाए गए और पूरी नल फिटिंग का सामान बदलकर जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाया गया। अब विद्यालय में सभी नलों से नियमित पानी उपलब्ध हो रहा है।
इस कार्य पर लगभग ₹12,500 का खर्च आया, जिसे समाजसेवियों ने आपसी जनसहयोग से वहन किया।
यह लगातार दूसरा अवसर है जब इन समाजसेवियों ने विद्यालय के विकास में योगदान दिया है।
इससे पहले भी उन्होंने बिष्ट परिवार, नैनीताल के सहयोग से लगभग ₹25,000 की लागत से दो 1000-1000 लीटर की पानी की टंकियां, एक टुल्लू पंप और पूरे विद्यालय की नल फिटिंग का कार्य निशुल्क कराया था।
विद्यालय के प्रधानाचार्य रतन सिंह खप्पा ने समाजसेवियों के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। विद्यालय परिवार ने सभी समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
विद्यालय के शिक्षकों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनसहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
समाजसेवी हेमंत गौनिया ने कहा कि उनकी टीम किसी सरकारी अनुदान या एनजीओ के सहयोग से नहीं, बल्कि समाज के लोगों के छोटे-छोटे योगदान से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी क्षेत्र के विद्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में इसी प्रकार जनसेवा के कार्य जारी रहेंगे।

