राजनीति: देहरादून में दो बड़े सचिवालय कूच! टीईटी छूट की मांग पर शिक्षक, भू-माफिया मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन

देहरादून में दो बड़े सचिवालय कूच! टीईटी छूट की मांग पर शिक्षक, भू-माफिया मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सोमवार को दो बड़े प्रदर्शनों का केंद्र बनी रही। एक ओर आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने सचिवालय कूच किया।

वहीं दूसरी ओर भूमि घोटालों, भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और सरकारी नीतियों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सचिवालय की ओर मार्च निकाला।

दोनों प्रदर्शनों के दौरान सुभाष रोड पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को सचिवालय जाने से रोक दिया, जिसके बाद मौके पर नारेबाजी, धरना-प्रदर्शन और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सड़कों पर उतरे शिक्षक

प्रदेशभर से आए प्राथमिक शिक्षकों ने रैली निकालकर सचिवालय कूच किया। सुभाष रोड पर रोके जाने के बाद शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।

शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग उठाई। संघ का कहना है कि इन शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन नियमों और चयन प्रक्रियाओं के तहत हुई थी और वे वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।

शिक्षक संघ के प्रतिनिधि दिगंबर नेगी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के बाद उत्तराखंड के करीब 20 हजार और देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि न्यायालय के आदेश का अनुपालन आवश्यक हो तो सरकार अनुभव आधारित विशेष परीक्षा आयोजित कर राहत प्रदान करे।

इसके अलावा शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, गोल्डन कार्ड योजना की विसंगतियां दूर करने और तीन वर्ष की सेवा पूरी होने पर गृह जनपद स्थानांतरण की सुविधा देने की भी मांग की।

भू-माफियाओं के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल

उधर, कांग्रेस ने भूमि घोटालों, बढ़ते अतिक्रमण, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सचिवालय कूच किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय से जुलूस निकालकर सुभाष रोड पहुंचे।

पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।

कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार भू-माफियाओं को संरक्षण दे रही है और सरकारी, वन तथा ग्राम समाज की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।

पार्टी ने मांग की है कि प्रदेशभर में सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तत्काल हटाया जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

राजधानी में विरोध प्रदर्शनों से गरमाई सियासत

एक ही दिन में शिक्षकों और कांग्रेस के सचिवालय कूच ने राजधानी का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गर्मा दिया। एक ओर शिक्षक अपनी सेवा शर्तों और भविष्य को लेकर सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं,

तो दूसरी ओर विपक्ष भूमि घोटालों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने में जुटा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन दोनों वर्गों की मांगों और आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।