बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में दो दिन भारी बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

उत्तराखंड में दो दिन भारी बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

देहरादून। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में 28 और 29 मई को भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अब मौसम के करवट लेने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 28 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

साथ ही गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 मई को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है।

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में गर्जन, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। इनमें उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।

इसके अलावा 30 मई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्जन और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 31 मई को पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई गई है।

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिला प्रशासन के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएं। साथ ही सभी विभागीय नोडल अधिकारी और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी हाई अलर्ट मोड पर रहेंगे।

गाइडलाइन में कहा गया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और खराब मौसम के दौरान ट्रेकिंग की अनुमति न दी जाए। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही को भी सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा एनएच, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, बीआरओ और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी मोटर मार्ग पर मलबा या अवरोध आता है तो उसे तत्काल हटाया जाए ताकि यातायात सुचारु बना रहे।

नगर निकायों को नालियों और कलवर्ट की सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि जलभराव की स्थिति न बने।

प्रशासन ने सभी राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने को कहा है।

पुलिस चौकियों और थानों को भी वायरलेस और आपदा उपकरणों के साथ अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन हर समय चालू रखने को कहा गया है।

प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।