उत्तराखंड में अपराध पर पुलिस का एक्शन, यौन शोषण से हत्या तक कई बड़े खुलासे
रिपोर्ट- दिलीप अरोरा
हल्द्वानी। उत्तराखंड में अलग-अलग आपराधिक मामलों में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। नैनीताल में यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोपी भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
वहीं ऊधमसिंह नगर के किच्छा में भाजपा नेता गफ्फार खान को यूपी एसओजी ने हिरासत में लिया। दूसरी ओर रुड़की के भगवानपुर में पुलिस ने आधुनिक तकनीक की मदद से 48 घंटे के भीतर अज्ञात युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नैनीताल जिले में शादी का झांसा देकर युवती से अवैध संबंध बनाने के आरोपी नरेश पांडे के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि नरेश पांडे कुछ बाउंसरों और हथियारबंद लोगों के साथ घूमकर क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा है। इसके बाद पुलिस ने भवाली कोतवाली में बाउंसरों और प्राइवेट गनरों को बुलाकर सत्यापन और हथियारों की जांच की।
जांच में सामने आया कि जसपुर निवासी लखविंदर सिंह अपने लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल नरेश पांडे की सुरक्षा में कर रहा था। इसे लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज कर हथियार जब्त कर लिया।
साथ ही लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। पुलिस ने दो अन्य बाउंसरों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की है। हालांकि पूछताछ के बाद नरेश पांडे को छोड़ दिया गया, लेकिन मामले की जांच जारी है।
इधर ऊधमसिंह नगर के किच्छा में भाजपा नेता और ग्राम दरऊ के प्रधान पति गफ्फार खान को यूपी एसओजी ने अचानक मुख्य बाजार क्षेत्र से हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
गफ्फार खान को पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का करीबी माना जाता है। हालांकि यूपी और उत्तराखंड पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाओं के अनुसार यूपी में दर्ज कई मामलों को लेकर एसओजी लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।
वहीं हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र में मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझा दी। गृह मंत्रालय के NETGRID पोर्टल की मदद से मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के देवबंद निवासी कलीम के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि काम की तलाश में भगवानपुर आए कलीम और उसके भाई का होटल संचालक और उसके साथियों से विवाद हो गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कलीम की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को क्रेटा कार में रखकर नदी किनारे फेंक दिया।
मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडे, मोबाइल फोन, क्रेटा और स्कॉर्पियो वाहन भी बरामद किए हैं।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि आधुनिक पुलिस सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से मामले का खुलासा संभव हो सका। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

