बार काउंसिलों में महिलाओं को 30% आरक्षण पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट
- उत्तराखंड में 25 में से 7 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित, को-ऑप्शन प्रक्रिया पर उठे सवाल
नैनीताल। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने Supreme Court of India के निर्देशों के अनुपालन में राज्य बार काउंसिलों में महिलाओं को 30% आरक्षण देने के मुद्दे पर सुनवाई प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले में अब एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं की समीक्षा कर रही है।
आरक्षण का स्वरूप और उत्तराखंड की स्थिति
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार राज्य बार काउंसिलों में 30% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसमें 20% सीटें चुनाव के माध्यम से भरी जा चुकी हैं, जबकि 10% सीटें ‘को-ऑप्शन’ (मनोनयन) के जरिए भरी जानी हैं।
उत्तराखंड बार काउंसिल में कुल 25 पदों में से 7 पद महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें 5 महिलाएं चुनाव जीतकर परिषद में पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष 2 पदों पर मनोनयन होना अभी बाकी है।
को-ऑप्शन प्रक्रिया पर कानूनी विवाद
मनोनयन (को-ऑप्शन) की प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां सामने आने के बाद इस मुद्दे को न्यायिक चुनौती दी गई थी। इसके बाद अब मामले की गहन समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो पारदर्शिता और प्रक्रिया की वैधता की जांच कर रही है।
उच्च स्तरीय समिति की भूमिका
इस समिति की अध्यक्षता Justice Sudhanshu Dhulia (सेवानिवृत्त न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट) कर रहे हैं। समिति सभी हितधारकों महिला अधिवक्ताओं, बार काउंसिल प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां सुन रही है।
वर्चुअल सुनवाई की तिथियां
समिति द्वारा इस विषय पर वर्चुअल माध्यम से सुनवाई आयोजित की जाएगी।
- 26 अप्रैल 2026 (सुबह 11 बजे)
- 27 अप्रैल 2026 (शाम 5 बजे)
सुझाव भेजने के निर्देश
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव श्रीमंतो सेन ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने सुझाव और प्रतिवेदन निर्धारित ईमेल पर शीघ्र भेजें।
साथ ही, राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिए गए हैं कि इस सूचना को व्हाट्सएप, आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिला अधिवक्ताएं इसमें भाग ले सकें।
आगे की प्रक्रिया
सभी पक्षों की सुनवाई के बाद समिति अपनी रिपोर्ट Supreme Court of India को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर बार काउंसिलों में महिला आरक्षण को लागू करने की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी।

