बड़ी खबर: खुर्पाताल में अवैध निर्माण पर AE-JE पर गिरी गाज, अल्मोड़ा में बाघ के हमले से ग्रामीण की मौत

खुर्पाताल में अवैध निर्माण पर AE-JE पर गिरी गाज, अल्मोड़ा में बाघ के हमले से ग्रामीण की मौत

देहरादून। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र से दो अलग-अलग लेकिन गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर नैनीताल के खुर्पाताल क्षेत्र में झील किनारे अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।

वहीं दूसरी ओर अल्मोड़ा जिले में बाघ के हमले से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

नैनीताल के खुर्पाताल क्षेत्र में झील के किनारे हो रहे निर्माण कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कड़ा रुख अपनाया है।

31 मार्च को किए गए स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि झील से 30 मीटर की निर्धारित दूरी के भीतर होटल और अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।

इस पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर ने जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से जवाब तलब किया, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

कमिश्नर के निर्देश पर लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक अभियंता अभिषेक और अवर अभियंता बबीता का वेतन रोक दिया गया है, साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल चालान की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। प्राधिकरण की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को दो दिन के भीतर हटाने और कचरा डालने वालों की पहचान कर प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय के गेट को लेकर चल रहे विवाद का भी मौके पर समाधान कराया गया, साथ ही स्थानीय पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया।

उधर, अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र के मोहान रेंज में बाघ के हमले से 60 वर्षीय खीम सिंह की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, खीम सिंह रोज की तरह 31 मार्च की सुबह जंगल में लकड़ी लेने गए थे, लेकिन समय पर वापस नहीं लौटे।

परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके दौरान जंगल में उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि बाघ उनके शरीर का अधिकांश हिस्सा खा चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गंगा शरण के नेतृत्व में टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और बाघ को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। घटना के बाद गांव में भय का माहौल है, जबकि ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।