गैस कालाबाजारी पर रोक, होम डिलीवरी हुई अनिवार्य
देहरादून। एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) का गठन कर गैस एजेंसियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं उधमसिंह नगर में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को पूरी तरह होम डिलीवरी से जोड़ दिया गया है।
देहरादून में क्यूआरटी टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर एलपीजी की मांग, आपूर्ति और वितरण प्रणाली की जांच की।
जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप 7534826066 पर गैस आपूर्ति से जुड़ी 12 शिकायतें दर्ज हुईं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन के अनुसार जिले में एक दिन में करीब 15,020 घरेलू और 512 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई, जबकि घरेलू सिलेंडरों में लगभग 90 हजार का बैकलॉग बना हुआ है। वर्तमान में 35,262 घरेलू और 1,313 व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
वहीं उधमसिंह नगर में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब घरेलू गैस सिलेंडर केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाएंगे। गोदाम या अन्य स्थानों से सीधे वितरण करने पर गैस एजेंसी संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह निर्णय पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों के दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया गया है। इसके तहत उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के बाद अधिकृत कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सिस्टम के जरिए ही डोर-टू-डोर डिलीवरी दी जाएगी।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी भी शिकायत के लिए 05944-250250, 05944-250500 और टोल फ्री नंबर 18002333555 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस नई व्यवस्था से हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने और गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।




