दून में अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत, एंजेल हत्याकांड में CBI की सख्ती
देहरादून। देहरादून जिले में रविवार और सोमवार को सामने आए दो अलग-अलग मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक ओर हरबर्टपुर में निजी अस्पताल की कथित लापरवाही से एक महिला की मौत का मामला तूल पकड़ गया, वहीं दूसरी ओर चर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है।
हरबर्टपुर अस्पताल पर लापरवाही के आरोप, परिजनों में आक्रोश
विकासनगर क्षेत्र के हरबर्टपुर में एक निजी अस्पताल में 25 वर्षीय महिला की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला की मौत की जानकारी समय पर परिजनों को नहीं दी, जबकि पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई थी।
जानकारी के अनुसार सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव की महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे हरबर्टपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान ही महिला की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल ने परिजनों को इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
इसके बाद परिजन महिला को लेकर एक के बाद एक तीन अस्पतालों में भटकते रहे। अंततः झाझरा स्थित एक अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शव लेकर गांव लौटे परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन शाम को अस्पताल की सूचना पर पुलिस गांव पहुंच गई और पोस्टमार्टम की मांग की। इस पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
काफी समझाने-बुझाने के बाद नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पंचायतनामा भरा गया और एसडीएम की अनुमति से शव परिजनों को सौंप दिया गया। नायब तहसीलदार ने माना कि अस्पताल की भूमिका संदिग्ध है और मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
एंजेल चकमा हत्याकांड में जांच तेज, सीबीआई ने मांगी विस्तृत जानकारी
इसी बीच देहरादून के बहुचर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। Central Bureau of Investigation (सीबीआई) ने फरार मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में तीन आपत्तियां दर्ज की हैं और विस्तृत जानकारी मांगी है।
सीबीआई ने आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका, घटना के समय की परिस्थितियां और केस के पंजीकरण से जुड़ी विस्तृत जानकारी (करीब 1200-1500 शब्दों में) मांगी है। इसके बाद विकासनगर पुलिस अब इन सवालों के जवाब तैयार कर रही है, जिन्हें जल्द ही भारतपोल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
क्या है एंजेल चकमा हत्याकांड?
यह घटना 9 दिसंबर 2025 को सेलाकुई क्षेत्र में हुई थी, जब दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा और उनके भाई पर हमला कर दिया गया था। इस हमले में एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने पहले इस मामले में हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया। अब तक इस मामले में दो नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी नेपाल फरार बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी के प्रयास जारी
विकासनगर पुलिस ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई द्वारा मांगी गई जानकारी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि आरोपी की गिरफ्तारी की दिशा में अगली कार्रवाई शुरू हो सके।
दो घटनाएं, कई सवाल
एक ओर अस्पताल की कथित लापरवाही से हुई महिला की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं, तो दूसरी ओर एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार आरोपी की गिरफ्तारी में देरी कानून-व्यवस्था और जांच प्रक्रिया की चुनौतियों को उजागर करती है।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि क्या सिस्टम आम लोगों को समय पर न्याय और सुरक्षित सेवाएं देने में सक्षम है, या फिर सुधार की अभी भी बड़ी गुंजाइश बाकी है।




