बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई रोकी, ESMA लागू

उत्तराखंड में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई रोकी, ESMA लागू

देहरादून। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित गैस संकट को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड में फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग और आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

वहीं केंद्र सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पूर्ति विभाग के एडिशनल कमिश्नर पी.एस. पांगती ने बताया कि राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। वर्तमान परिस्थितियों में केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।

होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ सकता है असर
इस फैसले से राज्य के होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

विभाग का कहना है कि जैसे ही सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य होगी, सभी उपभोक्ताओं के लिए नियमित आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।

जमाखोरी रोकने के लिए ESMA लागू

केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ESMA लागू किया है। इसके तहत गैस की सप्लाई को नियंत्रित करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि हाल के महीनों में गैस सिलेंडरों की जमाखोरी की घटनाएं बढ़ने लगी थीं, जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी।

आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता

ESMA लागू होने के बाद अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य आवश्यक सेवाओं को एलपीजी और अन्य ईंधन की सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश

घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण संभावित आपूर्ति बाधाओं से निपटने के लिए उठाया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की कुल एलपीजी खपत 3.13 करोड़ टन रही, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 1.28 करोड़ टन था। शेष जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।

पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और अन्य पश्चिम एशियाई देशों से आता है। यह सप्लाई मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है।

हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस अहम समुद्री मार्ग के बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर गैस और तेल संकट की संभावना गहरा सकती है।

गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव

  • घरेलू सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा।
  • गैस डिलीवरी में OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।
  • जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है।

कारोबारियों की बढ़ीं मुश्किलें

कमर्शियल गैस सप्लाई बंद होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन देहरादून के सदस्य रमन चड्ढा ने बताया कि फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट उपलब्ध स्टॉक से काम चला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि गैस सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहती है तो कई प्रतिष्ठानों को इंडक्शन या अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ेगा, जबकि स्थिति बिगड़ने पर होटल और रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत भी आ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो प्रदेश के पर्यटन और होटल उद्योग पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि ढाबों, रेस्टोरेंट और होटलों में खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा।