बिना पानी बिल से नाराजगी, सिडकुल में श्रमिकों पर बल प्रयोग, देहरादून में शराब ठेके का विरोध
देहरादून। उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कहीं पानी के बिना बिल भेजे जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हैं, तो कहीं श्रमिकों और पुलिस के बीच टकराव देखने को मिला। वहीं राजधानी देहरादून में शराब की दुकान के विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं।
पिथौरागढ़ में बिना पानी बिल से भड़के ग्रामीण
पिथौरागढ़ जिले की बेरीनाग तहसील के उडियारी गांव में पेयजल संकट के बीच जल निगम द्वारा बिल भेजे जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्राम प्रधान हेमा देवी के नेतृत्व में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक पानी की आपूर्ति नहीं होगी, तब तक बिल नहीं दिया जाएगा।
चेतावनी दी गई कि जबरन वसूली की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन करते हुए जल निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दशकों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं जल निगम के अवर अभियंता पंकज बिष्ट ने दावा किया है कि नियमानुसार पानी की आपूर्ति की जा रही है और बिल उसी आधार पर जारी किए गए हैं।
सिडकुल पंतनगर में श्रमिकों का प्रदर्शन उग्र
उधम सिंह नगर के पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में वी-गार्ड कंपनी के बाहर चल रहा श्रमिकों का धरना शुक्रवार को उग्र हो गया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हालात तनावपूर्ण हो गए।
पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने के प्रयास के दौरान हल्का बल प्रयोग किया गया, जिससे कई श्रमिक घायल हो गए और कुछ बेहोश भी हो गए, जिनमें महिला श्रमिक भी शामिल हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जबकि प्रशासन इसे हल्का बल प्रयोग बता रहा है। घायल श्रमिकों को अस्पताल भेजा गया, हालांकि कुछ ने उपचार लेने से इनकार कर दिया।
श्रमिकों की मांग है कि उन्हें समय पर बोनस दिया जाए, भोजन की गुणवत्ता सुधारी जाए और वेतन बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। प्रशासन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।
देहरादून में शराब की दुकान का विरोध तेज
राजधानी देहरादून के कैनाल रोड स्थित वेली एनक्लेव क्षेत्र में खोली जा रही शराब की दुकान के विरोध में स्थानीय लोग और महिलाएं लगातार धरना दे रही हैं। लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाके में शराब की दुकान खुलने से असामाजिक गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्र का माहौल खराब होगा।
प्रदर्शन के छठे दिन मसूरी क्षेत्र से विधायक और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी धरना स्थल पर पहुंचे और महिलाओं को आश्वस्त किया कि उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और इस स्थान पर शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
उत्तराखंड के तीन अलग-अलग जिलों में उभरे ये विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि बुनियादी सुविधाओं, श्रमिक अधिकारों और सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष बढ़ रहा है। प्रशासन के लिए अब इन मुद्दों का त्वरित और संतुलित समाधान निकालना चुनौती बनता जा रहा है।

