दो बार आदेश के बाद जागी सरकार, वक्फ बोर्ड में नए सीईओ की नियुक्ति
नैनीताल स्थित उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति से जुड़े मामले में राज्य सरकार की अनुपालन रिपोर्ट स्वीकार करते हुए जनहित याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया है।
मामले में हल्द्वानी निवासी शादाब आलम की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि वक्फ बोर्ड के सीईओ पद पर संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए, जबकि राज्य सरकार ने अंडर सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया, जो नियमों के विपरीत है।
न्यायालय ने जताई थी नाराज़गी
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से सवाल किया था कि दो बार आदेश देने के बावजूद उसका अनुपालन क्यों नहीं किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया था कि पद के अनुरूप स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए।
हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में समय मांगा जाता रहा। न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।
सरकार ने दी अनुपालन रिपोर्ट
ताज़ा सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में वक्फ बोर्ड में नए सीईओ की नियुक्ति कर दी गई है।
सरकार ने दावा किया कि नियुक्ति अब नियमों के अनुरूप कर दी गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।
प्रशासनिक पारदर्शिता का मामला
यह प्रकरण बताता है कि न्यायालय की निगरानी में प्रशासनिक निर्णयों की समीक्षा संभव है और जनहित याचिका के माध्यम से नागरिक शासन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं।



