विधायक विवाद पर सियासी भूचाल। पार्टी नेतृत्व पर निर्णय का दबाव, गिरफ्तारी की मांग
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से जुड़े कथित मारपीट प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है।
वायरल तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्तारूढ़ दल के भीतर भी सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। सरकार, संगठन और प्रशासन तीनों पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
मामला प्रारंभिक शिक्षा निदेशक Ajay Kumar Naudiyal से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों में उनके साथ कथित मारपीट का दावा किया जा रहा है। इस घटना को लेकर आरोप Umesh Sharma Kau पर लगाए जा रहे हैं। घटना के बाद विधायक चौतरफा घिरे हुए हैं।
विपक्षी दल Indian National Congress ने उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है, वहीं सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party संगठन ने भी विधायक से जवाब तलब किया है।
हरक सिंह रावत का हमला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Harak Singh Rawat ने खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की शिकायत सामने आई हो। उनके अनुसार, पूर्व में भी अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले सामने आते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा मर्यादा का उल्लंघन प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करता है और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
भाजपा के भीतर बढ़ी बेचैनी
मामला भाजपा के भीतर भी चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता Prakash Suman Dhayani ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है और यदि आरोप साबित होते हैं तो कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, संगठन स्तर पर भी घटना को गंभीरता से लिया गया है, क्योंकि यह मामला एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ा है और सार्वजनिक मंच पर तस्वीरें मौजूद हैं।
सियासी तापमान और आगे की राह
यह प्रकरण भाजपा के लिए अंदरूनी तौर पर चुनौतीपूर्ण बनता दिख रहा है। विपक्ष जहां इसे कानून व्यवस्था का मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रहा है, वहीं भाजपा नेतृत्व छवि प्रबंधन और संगठनात्मक अनुशासन के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है।
आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व का रुख और संभावित कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी। फिलहाल, यह मामला उत्तराखंड की राजनीति का केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है।



