मिर्जापुर धर्मांतरण केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कथित गैंग लीडर को जमानत
प्रयागराज/मिर्जापुर: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिर्जापुर में कथित गैर-कानूनी धर्मांतरण के एक अहम मामले में आरोपी देव सहायम डेनियल राज को जमानत दे दी है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने डेनियल को उस गैंग का कथित सरगना बताया था,
जिस पर अब तक 60 से अधिक लोगों के धर्मांतरण और भविष्य में 500 से ज्यादा लोगों को धर्मांतरित करने की साजिश रचने का आरोप है।
जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की पीठ ने आरोपों की प्रकृति, सजा की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों से छेड़छाड़ की आशंका को परखते हुए जमानत याचिका मंजूर की।
डेनियल और सह-आरोपी पारस 30 सितंबर 2025 से जेल में बंद थे और उन पर उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत केस दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गरीब, कमजोर और आदिवासी वर्ग के लोगों को ‘हीलिंग प्रेयर मीटिंग’, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण और आर्थिक मदद के बहाने ईसाई धर्म में धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते थे।
पूछताछ में डेनियल ने खुद को तमिलनाडु की इंडियन मिशनरीज सोसाइटी का फील्ड इंचार्ज बताया और कहा कि उसके अधीन 8 मिशनरी काम कर रहे थे।
वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और इस मामले की FIR एक ऐसे व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुई है जो कानून के मुताबिक ‘पीड़ित’ या उसका करीबी रिश्तेदार नहीं है।
वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए FIR की वैधानिकता पर सवाल उठाए। अदालत ने सरकारी पक्ष के विरोध के बावजूद आरोपी को जमानत दे दी।



