हाईकोर्ट के आदेश न मानने पर प्रमुख सचिव वन और HoFF को अवमानना नोटिस
नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने अपने आदेशों का पालन न करने पर राज्य के प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु और प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स/HoFF) आर.के. मिश्रा को अवमानना नोटिस जारी किया है।
मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता अभिजय नेगी ने बताया कि न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने 15 जून को जारी आदेश में अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
यह मामला टाइगर रिजर्व में कार्यरत प्रसिद्ध शोधकर्ता सुबीर मारियो चोफिन के संवेदनशील और हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले अनुसंधान उपकरणों से जुड़ा है। न्यायालय ने 13 मार्च 2026 को इन उपकरणों को तत्काल वापस करने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक उपकरण वापस नहीं किए गए हैं। इसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 27 मार्च को भी उपकरण लौटाने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद आदेश का अनुपालन नहीं होने पर उच्च न्यायालय ने प्रमुख सचिव वन और HoFF को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय ने राज्य सरकार से अगली सुनवाई से पहले अनुपालन रिपोर्ट या जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।


