बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में सख्ती और फेरबदल के संकेत। संविदा नियुक्तियों पर रोक, बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी

उत्तराखंड में सख्ती और फेरबदल के संकेत। संविदा नियुक्तियों पर रोक, बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने विभागीय नियुक्तियों और प्रशासनिक ढांचे को लेकर एक साथ दो बड़े संकेत दिए हैं। एक ओर जहां संविदा और आउटसोर्स के जरिए नियमित पदों पर नियुक्तियों पर सख्ती बरती गई है।

वहीं दूसरी ओर नए साल 2026 की शुरुआत के साथ राज्य में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावनाएं भी तेज हो गई हैं।

नियमित पदों पर संविदा नियुक्ति पर सख्त रोक

उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न विभागों और शासन से जुड़ी संस्थाओं में संविदा और आउटसोर्स के माध्यम से नियमित पद भरने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2 की ओर से जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि विभागीय पदीय संरचना में स्वीकृत नियमित पदों पर नियुक्ति केवल नियमित चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही की जाएगी।

यह आदेश अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत की ओर से जारी किया गया है, जिसमें सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शासनादेश में उल्लेख किया गया है कि 25 अप्रैल 2025 को ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि नियमित पदों पर नियुक्ति केवल निर्धारित चयन प्रक्रिया से ही होगी। बावजूद इसके कई विभाग नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के बजाय संविदा या आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति प्रस्ताव भेज रहे थे, जिस पर शासन ने नाराजगी जताई है।

शासन ने साफ किया है कि जब तक किसी पद पर नियमित चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उसे संविदा या अस्थायी व्यवस्था से नहीं भरा जाएगा। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

नए साल में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के संकेत

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी में बड़े बदलावों की आहट सुनाई देने लगी है। हाल ही में बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन मिलने के बाद अब उन्हें रैंक के अनुरूप नई जिम्मेदारियां दिए जाने की तैयारी है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शैलेश बगौली को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।

2002 बैच के आईएएस अधिकारी शैलेश बगौली को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। यह तैनाती पांच वर्षों या अगले आदेश तक के लिए होगी।

फिलहाल शैलेश बगौली उत्तराखंड में गृह और कार्मिक जैसे अहम विभागों के साथ-साथ सचिव मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके केंद्र जाने से राज्य शासन में इन महत्वपूर्ण विभागों के लिए नए अधिकारियों की तैनाती को लेकर मंथन तेज हो गया है।

केंद्र में उत्तराखंड कैडर के अधिकारियों की भूमिका

उत्तराखंड कैडर के एक अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशीष जोशी को भी केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्रालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि उत्तराखंड कैडर के अधिकारी केंद्र में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं।

जिलों में भी हो सकता है फेरबदल

शासन स्तर के साथ-साथ जिलों में भी प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। कुछ जिलों में जिलाधिकारियों के तबादले को लेकर होमवर्क पूरा किया जा चुका है। ऐसे में जनवरी 2026 में उत्तराखंड के प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।