सॉल्वर के सहारे बैंक नौकरी पाने वाले 12 कर्मी निलंबित, पूछताछ के लिए होंगे तलब
देहरादून। आईबीपीएस (IBPS) बैंकिंग परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर नौकरी हासिल करने के मामले में दून पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटेलनगर थाना क्षेत्र से परीक्षा केंद्र पर गिरफ्तार किए गए शातिर सॉल्वर ऋषि कुमार के मामले में अब तक का सबसे चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ऋषि के जरिए अलग-अलग बैंकों में नौकरी पाने वाले 12 कर्मचारी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं।
ऋषि की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके डिजिटल डेटा, फोटो और बायोमीट्रिक रिकॉर्ड को खंगाला। जांच के दौरान जब इन रिकॉर्ड्स का मिलान पुराने परीक्षा डाटाबेस से किया गया, तो यह साफ हो गया कि इन सभी 12 मामलों में परीक्षा देने वाला व्यक्ति ऋषि कुमार ही था।
सॉफ्टवेयर ने पहले ही पकड़ी थीं विसंगतियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आईबीपीएस के सॉफ्टवेयर सिस्टम ने पहले ही कुछ तकनीकी विसंगतियां पकड़ ली थीं। इन्हीं संकेतों के आधार पर संबंधित बैंकों ने अपने 12 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। हालांकि, उस समय यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि परीक्षा देने वाला असली व्यक्ति कौन था।
ऋषि की गिरफ्तारी के बाद जब उसका फोटो और बायोमीट्रिक डेटा मिलाया गया, तो पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
पेशेवर सॉल्वर, भेष बदलकर देता था परीक्षा
जांच में यह भी सामने आया है कि ऋषि कुमार उच्च शिक्षा प्राप्त है और उसने अपनी तकनीकी समझ का इस्तेमाल कर परीक्षा प्रणाली की खामियों को पहचाना। वह हर बार फोटो मिक्सिंग, मेकअप और भेष बदलकर परीक्षा में शामिल होता था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि—
- आरोपी ने प्रत्येक अभ्यर्थी से कितनी रकम ली
- इस गिरोह में कोई बैंक कर्मचारी या परीक्षा केंद्र से जुड़ा व्यक्ति शामिल था या नहीं
सभी 12 निलंबित कर्मी होंगे तलब
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस अब उन 12 निलंबित बैंक कर्मचारियों की सूची तैयार कर रही है। जल्द ही सभी को पूछताछ के लिए देहरादून तलब किया जाएगा। पुलिस इसे बड़ा आपराधिक षड्यंत्र मानते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।
हालांकि, आरोपी ऋषि कुमार का दावा है कि वह इस बार खुद के लिए परीक्षा देने बैठा था, लेकिन पुलिस उसके दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।

