गैरसैंण में 7400 करोड़ का बजट पेश, सड़कों पर UKD का संग्राम। उमेश कुमार ने किया इस्तीफे का ऐलान
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार, 27 अक्टूबर को विधानसभा के दो दिवसीय सत्र का आगाज हंगामे और सियासी टकराव के बीच हुआ।
सत्र के पहले ही दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7,400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। वहीं, विपक्ष ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया, जबकि उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के प्रदर्शनकारियों ने दिवालीखाल में बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा के मुख्य गेट तक कूच किया।
इस बीच खानपुर विधायक उमेश कुमार ने विधायकी से इस्तीफा देने का ऐलान कर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी।
7400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश
भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सुबह 11:13 बजे सत्र की कार्यवाही शुरू हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के सामने खड़े होकर उनके पिता को याद करना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने कहा कि एक बेटी के लिए उसके पिता हीरो होते हैं।
सदन में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट सहित अन्य दिवंगत नेताओं को भी श्रद्धांजलि दी गई। विधायकों ने उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया।
दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत करने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद सरकार ने सदन में 7,400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया।
सत्र के दौरान छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट, मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट और विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन भी सदन में रखे जाने के एजेंडे में शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश, 2026 और उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को सदन के पटल पर रखने की कार्यवाही भी प्रस्तावित है।
कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड और महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को सदन में उठाने और सरकार की जवाबदेही तय करने की रणनीति बनाई गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव के लिए भराड़ीसैंण कूच किया।
हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बैरियर के पास धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा तथा कथित चंदा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधने की तैयारी की है।
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विरोध करना विपक्ष का धर्म है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के ऐसे कदम सरकार को और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं।
UKD ने तोड़ी बैरिकेडिंग, विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
विधानसभा सत्र के पहले दिन उत्तराखंड क्रांति दल ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। दोपहर बाद दिवालीखाल में UKD के प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और भराड़ीसैंण विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंच गए।
इस घटनाक्रम से विधानसभा परिसर के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इससे पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोका जा सके।
दूसरी ओर, प्रदेश प्रधान संगठन ने भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा कूच करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोककर बसों के जरिए अस्थायी जेल मालसी भेज दिया।
सत्र के पहले दिन कांग्रेस, प्रधान संगठन और UKD के प्रदर्शनों ने सरकार के सामने राजनीतिक और जनसरोकारों से जुड़े कई सवाल खड़े किए।
गैरसैंण को जिला बनाने और केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग
विधानसभा सत्र से पहले गैरसैंण क्षेत्र में स्थानीय मांगों को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। क्षेत्रीय जनता, जनप्रतिनिधियों और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने गैरसैंण को जिला घोषित करने की मांग उठाई।
स्थानीय लोगों ने केवल दो दिन के विधानसभा सत्र को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की भावनाओं और पहाड़ के विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
इसके साथ ही क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग भी उठाई गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि गैरसैंण में बेहतर शैक्षिक सुविधाओं के विकास से क्षेत्र के बच्चों को लाभ मिलेगा और इलाके में गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उमेश कुमार का इस्तीफे का ऐलान, नए राजनीतिक विकल्प के संकेत
विधानसभा सत्र के पहले दिन खानपुर विधायक उमेश कुमार के बयान ने भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी। उन्होंने अपनी विधायकी से इस्तीफा देने का ऐलान करते हुए कहा कि वह दुखी और व्यथित हैं तथा उनका मन खिन्न हो चुका है।
उमेश कुमार ने कहा कि जिस हरिद्वार जनपद से वह आते हैं, उससे जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से नहीं उठा पा रहे हैं। उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार, किसानों और जनता से जुड़े सवालों पर उन्हें विपक्ष का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि वह पिछले साढ़े चार साल से विपक्ष से उम्मीद लगाए हुए थे कि भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों पर साथ मिलेगा, लेकिन अब उन्हें अकेले संघर्ष करने जैसी स्थिति महसूस हो रही है।
उमेश कुमार ने यह भी कहा कि वह सदन में अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेंगे, ताकि हरिद्वार के लोगों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जा सके।
नए राजनीतिक दल या विकल्प की संभावना पर उन्होंने कहा कि यदि लोग महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर उनके साथ जुड़ते हैं तो वह इस दिशा में प्रयास करेंगे। उन्होंने उत्तराखंड की करीब 8 से 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़वाने की संभावनाओं का भी जिक्र किया।
हालांकि, उनके इस्तीफे के ऐलान के बाद आगे की औपचारिक प्रक्रिया और उनके अगले राजनीतिक कदम पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
दलेर मेहंदी विवाद पर सुबोध उनियाल ने माफी से किया इनकार
विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री और संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी प्रकरण को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को गलत बताया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने गायक दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है।
उनियाल ने कहा, “मुझे माफी किस बात की मांगनी है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता और इस मामले में उनकी किसी से बातचीत नहीं हुई है।
यह विवाद टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी की प्रस्तुति में लिप-सिंक और बैकग्राउंड साउंड ट्रैक के इस्तेमाल को लेकर मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर आपत्ति जताई थी। इस दौरान हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
इसके बाद विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बातचीत की थी। मीका सिंह ने मुख्यमंत्री के बातचीत के तरीके की सराहना की थी और कहा था कि मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से माफी भी मांगी, हालांकि उनके अनुसार इसकी जरूरत नहीं थी।
अब सुबोध उनियाल के ताजा बयान से इस प्रकरण पर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा फिर तेज हो गई है।
बीसी खंडूड़ी के योगदान को सदन ने किया याद
विधानसभा सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने उनके कार्यकाल से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में खंडूड़ी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। उन्होंने अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी ले जाने की अनुमति देने का भी उल्लेख किया।
भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने तराई क्षेत्र से बंदूक संस्कृति को समाप्त करने के लिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर खंडूड़ी के जोर को याद किया।
उन्होंने कहा कि खंडूड़ी का मानना था कि केवल पुलिस कार्रवाई से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि युवाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर देना भी जरूरी है।
सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ ही प्रदेश के राजनीतिक इतिहास और जनसेवा में उनके योगदान को याद किया गया।
पहले दिन ही कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
गैरसैंण के भराड़ीसैंण में शुरू हुआ दो दिवसीय विधानसभा सत्र पहले दिन ही कई राजनीतिक घटनाक्रमों का गवाह बना।
एक ओर सरकार ने 7,400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
कांग्रेस का धरना, UKD की बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंचने की घटना, प्रधान संगठन का प्रदर्शन और खानपुर विधायक उमेश कुमार का इस्तीफे का ऐलान सत्र के प्रमुख घटनाक्रम रहे।
अब सभी की निगाहें 28 अक्टूबर को होने वाली सदन की कार्यवाही पर टिकी हैं। दूसरे दिन सदन में सरकार और विपक्ष के बीच किन मुद्दों पर टकराव होता है तथा अनुपूरक बजट और अन्य प्रस्तावों पर क्या चर्चा होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।



