कहीं मौत, कहीं सजा तो कहीं नया मुकदमा दर्ज। पढ़ें उत्तराखंड की 7 बड़ी खबरें….
देहरादून। उत्तराखंड में सड़क हादसों से लेकर महिला सुरक्षा, बच्चों के ऑनलाइन शोषण, सरकारी शिक्षक भर्ती में प्रमाणपत्रों की गड़बड़ी और चर्चित मामलों में कानूनी कार्रवाई तक कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं।
रामनगर में बाइक और स्कूटी की भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पिथौरागढ़ में दो नाबालिग छात्राओं के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
वहीं, देहरादून में एक प्रॉपर्टी डीलर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, रामनगर के रिजॉर्ट में युवती से कथित दुष्कर्म, अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ नए मुकदमे और फर्जी प्रमाणपत्रों से शिक्षक बनने के मामलों ने भी सुर्खियां बटोरी हैं।
हल्द्वानी में साइबर टिपलाइन से मिली शिकायतों के आधार पर नाबालिग से कथित यौन शोषण के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की है।
रामनगर में बाइक-स्कूटी की भिड़ंत, एक की मौत और तीन गंभीर
नैनीताल जिले के रामनगर में सांवल्दे गांव के पास देर रात बाइक और स्कूटी की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने बम्बाघेर निवासी 55 वर्षीय बाइक सवार दीपक मसी को मृत घोषित कर दिया।
स्कूटी पर कानिया निवासी 25 वर्षीय दीपक आर्या, 26 वर्षीय पूजा और नैनीताल के ज्योलिकोट निवासी 20 वर्षीय दिव्या सवार थे। तीनों को सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सीटी स्कैन और न्यूरोसर्जरी संबंधी उपचार के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों युवतियां सांवल्दे मार्ग स्थित एक रिसॉर्ट में काम करती हैं।
पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और टक्कर की वजह क्या रही, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
दो नाबालिग छात्राओं के अपहरण और दुष्कर्म में दोषी को 20 साल की सजा
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र की दो नाबालिग छात्राओं के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी इरफान को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही राज्य सरकार को दोनों पीड़िताओं को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, एक फरवरी 2024 को दोनों छात्राएं स्कूल गई थीं, लेकिन घर नहीं लौटीं। परिजनों ने तीन फरवरी को धारचूला कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी इरफान और उसका एक किशोर साथी नौकरी दिलाने का झांसा देकर दोनों छात्राओं को अपने साथ ले गए थे।
पुलिस ने दोनों छात्राओं को बरेली बस अड्डे से बरामद किया था। मामले में किशोर आरोपी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई, जबकि इरफान के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह पेश किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने इरफान को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
देहरादून में निर्माणाधीन भवन के पास मिला प्रॉपर्टी डीलर का शव
देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित एटीएस हेवनली फुटहिल्स कॉलोनी के पास एक निर्माणाधीन भवन में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी 52 वर्षीय पंकज मित्तल का शव मिला।
सोमवार सुबह करीब छह बजे पुलिस कंट्रोल रूम 112 के माध्यम से घटना की सूचना मिली थी। रायपुर थाना पुलिस और मयूर विहार चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, व्यक्ति के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। आशंका जताई गई कि वह भवन की पांचवीं मंजिल से नीचे गिरा था।
हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
इस मामले में घटना से पहले तड़के करीब 2:18 बजे मृतक के नाम से कई लोगों को भेजे गए कथित व्हाट्सएप संदेश भी सामने आए हैं।
इन संदेशों में आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और कॉलोनी के एक बिल्डर के साथ कथित विवाद का जिक्र है। संदेशों में संबंधित व्यक्ति पर पैसे वापस नहीं करने, दुर्व्यवहार और धमकी देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन संदेशों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम की तुलना देहरादून के चर्चित बिल्डर सतिंदर सिंह साहनी उर्फ बाबा साहनी की मौत के मामले से भी की जा रही है। बाबा साहनी की मई 2024 में मौत के बाद सामने आए कथित सुसाइड नोट में कारोबारी विवाद और दबाव के आरोप लगाए गए थे।
हालांकि, दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित मामलों के साक्ष्यों और जांच के परिणामों को ध्यान में रखना जरूरी है।
रामनगर के रिसॉर्ट में युवती से कथित दुष्कर्म, दो कर्मचारियों पर आरोप
नैनीताल जिले के रामनगर स्थित एक रिसॉर्ट में निजी कंपनी की कॉर्पोरेट आउटिंग के दौरान युवती से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। दिल्ली निवासी युवती ने 26 अक्टूबर को पुलिस को शिकायत देकर कंपनी के दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के मुताबिक, कंपनी के दस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 24 और 25 अक्टूबर को रिसॉर्ट में कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
आरोप है कि 24 अक्टूबर की रात युवती को एक कमरे में बुलाया गया, जहां कंपनी की सेल्स टीम के कई सदस्य मौजूद थे और शराब पी रहे थे।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शुभम ने उसे जबरन शराब पिलाई और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने सौरभ पर भी दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, युवती की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे दूसरे कमरे में ले जाया गया। अगले दिन उसने कंपनी की एचआर मैनेजर को घटना की जानकारी दी।
रामनगर कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 62 और 64 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून में भी मुकदमा दर्ज
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी विवाद को लेकर चर्चा में आईं अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून में भी मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मोती बाजार निवासी सागर की शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में उर्मिला सनावर ने सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम, बीएल संतोष और आरती गौड़ समेत अन्य लोगों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां कीं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो के प्रसारण से संबंधित व्यक्तियों की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 79, 352, 353 और 356 के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
इससे पहले हरिद्वार में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत पर दर्ज एक अलग मुकदमे में उर्मिला सनावर को सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
उस शिकायत में सोशल मीडिया पर कथित मानहानिकारक टिप्पणियां करने, पांच करोड़ रुपये मांगने और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे।
उर्मिला सनावर का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सामने आए ऑडियो और वीडियो के बाद चर्चा में आया था।
अक्टूबर 2026 में इस प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम के बीच सीबीआई की पूछताछ और प्रस्तावित पॉलीग्राफ तथा नार्को टेस्ट को लेकर भी खबरें सामने आईं।
हालांकि, किसी ऑडियो या वीडियो में किसी व्यक्ति का नाम आने मात्र से उसकी संलिप्तता साबित नहीं होती। अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी से जुड़े दावों और उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज अलग-अलग मुकदमों की जांच की स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है।
यूटीईटी प्रमाणपत्र में गड़बड़ी, बागेश्वर में एक और शिक्षिका जांच के घेरे में
उत्तराखंड में सरकारी शिक्षक भर्ती से जुड़े प्रमाणपत्रों के सत्यापन के दौरान बागेश्वर जिले में एक और शिक्षिका के दस्तावेज में गड़बड़ी सामने आई है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय ग्वाड़ी में तैनात शिक्षिका बबीता की नियुक्ति इसी वर्ष जनवरी में हुई थी।
नियुक्ति के बाद शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन के दौरान उनके उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूटीईटी के अंकपत्र पर दर्ज अनुक्रमांक किसी अन्य अभ्यर्थी का पाया गया।
प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा राम के अनुसार, शिक्षा परिषद की जांच में अनुक्रमांक दूसरे अभ्यर्थी का होने की पुष्टि हुई है। शिक्षिका के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य में शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन और कथित फर्जीवाड़े को लेकर कार्रवाई चल रही है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में उत्तराखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य में 80 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी या कूटरचित पाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इससे पहले अलग-अलग जांच चरणों में 65 और 69 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। अक्टूबर 2026 में बागेश्वर में 10 प्राथमिक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त किए जाने और अल्मोड़ा में तीन शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
हालांकि, अलग-अलग वर्षों और जांच चरणों के आंकड़ों को जोड़कर कुल संख्या निर्धारित करना उचित नहीं होगा, क्योंकि इनमें दोहराव की आशंका है।
दस्तावेजों का सत्यापन लंबित होना भी अपने आप में प्रमाणपत्र फर्जी होने का सबूत नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग से जिलेवार सत्यापन, बर्खास्तगी, एफआईआर और लंबित जांच का अद्यतन विवरण सामने आना जरूरी है।
हल्द्वानी में साइबर टिपलाइन की 11 शिकायतों पर कार्रवाई, नाबालिग से यौन शोषण का आरोप
हल्द्वानी में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। नैनीताल पुलिस के मुताबिक, साइबर टिपलाइन से मिली 11 शिकायतों के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली में पॉक्सो एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी की पहचान कर उसके घर से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप और एक खाली मोबाइल बॉक्स बरामद किया। पुलिस के अनुसार, डिजिटल उपकरणों की जांच में बाल यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री की सर्च और डाउनलोड हिस्ट्री मिली।
जांच में आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने इंटरनेट से ऐसी सामग्री डाउनलोड की, पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग बच्चे का यौन शोषण किया और उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड किया। पुलिस ने बताया कि कथित घटना के समय आरोपी भी नाबालिग था।
मामले में एफआईआर संख्या 373/2026 के तहत पॉक्सो एक्ट की धारा 14 और 15 तथा आईटी एक्ट की धारा 67बी में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़ित बच्चे और उसके परिजनों की काउंसलिंग भी कराई है। मामले की विवेचना जारी है।
नैनीताल पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल पर निगरानी रखने, उनसे खुलकर बातचीत करने और उन्हें सुरक्षित-असुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करने की अपील की है।
पुलिस ने किसी भी अनुचित गतिविधि या ऑनलाइन शोषण की आशंका होने पर तत्काल सूचना देने की सलाह दी है।
महिला सुरक्षा, सड़क हादसे और भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
उत्तराखंड में सामने आए ये मामले अलग-अलग जिलों और परिस्थितियों से जुड़े हैं, लेकिन इनसे सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं।
रामनगर में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना सड़क सुरक्षा की चुनौती को सामने रखती है। वहीं, नाबालिग छात्राओं से जुड़े मामले में अदालत की सजा और रिसॉर्ट में युवती से कथित दुष्कर्म की जांच महिला सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।
शिक्षक भर्ती में प्रमाणपत्रों की गड़बड़ी के मामलों में पारदर्शी सत्यापन और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है। दूसरी ओर, बच्चों के ऑनलाइन शोषण से जुड़े मामलों में डिजिटल निगरानी, समय पर शिकायत और प्रभावी जांच की भूमिका महत्वपूर्ण है।
देहरादून में प्रॉपर्टी डीलर की मौत और उर्मिला सनावर से जुड़े कानूनी घटनाक्रम में भी जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल, संबंधित मामलों में सामने आए आरोपों और आधिकारिक रूप से स्थापित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कई मामलों में वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।



