राजनीति: रेखा आर्या विवाद, गैरसैंण में BJP की कलह और दलेर मेहंदी के शो पर बवाल, और….

रेखा आर्या विवाद, गैरसैंण में BJP की कलह और दलेर मेहंदी के शो पर बवाल, और….

देहरादून। उत्तराखंड में सोमवार को राजनीति, विकास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आईं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद पर मंत्री खजान दास ने सवाल उठाए।

वहीं, गैरसैंण के विकास को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने वर्तमान विधायक अनिल नौटियाल की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा।

दूसरी ओर, नरेंद्रनगर के कुंजापुरी मेले में गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर विवाद हो गया, जबकि डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में करीब 96 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

रेखा आर्या विवाद पर खजान दास का बयान, बोले- पहले ही सोचना चाहिए था

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मामले में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि रेखा आर्या घरेलू हिंसा से पीड़ित हैं और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गिरधारी लाल साहू पर पहले से आरोप लगते रहे हैं और उनके खिलाफ कई मुकदमे भी हैं। ऐसे में इन परिस्थितियों पर पहले ही विचार किया जाना चाहिए था।

गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

उन्होंने मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी जैसे आरोप लगाए हैं। मामले में एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या पर 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जिन्हें मंत्री ने निराधार बताया है। मामले की जांच के लिए एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।

जांच टीम बरेली स्थित ठिकानों पर दस्तावेज जुटा चुकी है। खजान दास ने कहा कि इस तरह का विवाद देवभूमि के लिए उचित संदेश नहीं देता और मामले में पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार किया जाना चाहिए।

गैरसैंण के विकास पर भाजपा में घमासान, पूर्व विधायक ने अनिल नौटियाल को बताया ‘कुंभकर्ण’
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

पार्टी के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने कर्णप्रयाग से वर्तमान भाजपा विधायक अनिल नौटियाल पर क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पौराणिक कथाओं में कुंभकर्ण छह महीने में एक बार जाग जाता था, लेकिन विधायक पांच साल से सोए हुए हैं।

सुरेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक, उन्होंने गैरसैंण के विकास से जुड़ी प्रमुख मांगों को लेकर पिछले पांच वर्षों में विधायक को कई पत्र लिखे, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कई दौरों और विधानसभा सत्रों के बावजूद गैरसैंण के विकास का मुद्दा प्रभावी तरीके से नहीं उठाया गया।

पूर्व विधायक ने 25 हजार करोड़ रुपये के उस प्रस्ताव का भी जिक्र किया, जिसके तहत गैरसैंण राजधानी क्षेत्र में दस वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही गई थी।

उन्होंने दावा किया कि कृत्रिम झील, भाषा संस्थान और मिनी सचिवालय जैसी योजनाएं अब तक आगे नहीं बढ़ पाई हैं।

नेगी ने मिनी सचिवालय निर्माण में देरी के लिए नौकरशाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वर्ष 2015 में 53 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने और शुरुआती तीन करोड़ रुपये जारी होने के बावजूद भूमि हस्तांतरण नहीं हो सका।

उनके अनुसार, परियोजना की लागत अब 80 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

वहीं, विधायक अनिल नौटियाल ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को जिला बनाने की मांग विधानसभा में उठाई गई है और क्षेत्र में सड़क, पेयजल तथा अन्य विकास कार्य लगातार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विकास कार्य धरातल पर दिखाई दे रहे हैं और पूर्व विधायक के आरोपों के पीछे का कारण समझ से परे है।

कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर विवाद, सुबोध उनियाल ने मंच पर जताई नाराजगी
टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या उस समय विवादों में घिर गई, जब बॉलीवुड गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान बैकग्राउंड ट्रैक के इस्तेमाल को लेकर दर्शकों ने नाराजगी जताई।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना था कि वे गायक को लाइव सुनने पहुंचे थे, लेकिन प्रस्तुति के दौरान रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देने लगी।

दर्शकों की नाराजगी बढ़ने पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर पहुंचकर दलेर मेहंदी के सामने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोगों ने कलाकार को लाइव सुनने के लिए पैसा खर्च किया है और कार्यक्रम में उनसे लाइव प्रस्तुति की अपेक्षा थी।

विवाद के बाद मेला समिति ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम में गायिका सुनंदा शर्मा की प्रस्तुति होनी थी, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इसके बाद महज दो दिन पहले दलेर मेहंदी से संपर्क कर कार्यक्रम आयोजित करने की व्यवस्था की गई।

दलेर मेहंदी ने कथित तौर पर खराब स्वास्थ्य के कारण पूरी तरह लाइव गाने में असमर्थता जताई और तकनीकी टीम द्वारा बैकग्राउंड ट्रैक का सहारा लेने की बात कही।

हालांकि, शुरुआत में हुए विवाद के बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाएं सुधारी गईं और दर्शकों ने बाद में संगीत का आनंद लिया। पुलिस ने भीड़ को संभालते हुए कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्था बनाए रखी।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में ली शपथ

उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को देहरादून स्थित लोकभवन में राज्यपाल पद की शपथ ली। उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें शपथ दिलाई।

समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

डॉ. बिसेन उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल हैं। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में जन्मे बिसेन चार बार विधायक रह चुके हैं। वह वर्ष 2003 से 2005 तक मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।

इसके अलावा वर्ष 2011 से 2013 तक मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे और 2019 में बालाघाट लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को गति देने तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने को अपनी प्राथमिकता बताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के योगदान की भी सराहना की।

चंपावत को 96 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत दौरे के दौरान जिले को 95.99 करोड़ रुपये की 16 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 67.24 करोड़ रुपये की 11 योजनाओं का लोकार्पण और 28.76 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण करने के साथ बनबसा में बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण कार्यों का शुभारंभ भी किया।

लोकार्पित योजनाओं में सड़क निर्माण और उच्चीकरण, सर्किट हाउस का विस्तारीकरण, आईटीआई में कार्यशाला एवं तकनीकी प्रयोगशाला, कलेक्ट्रेट भवन, दूरस्थ क्षेत्रों में वायरलेस नेटवर्क और टनकपुर में 98 बेड के महिला छात्रावास जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा नागार्जुन पार्क के सौंदर्यीकरण और शवदाह गृह में आधुनिक सुविधाओं का भी लोकार्पण किया गया।

शिलान्यास की गई योजनाओं में विभिन्न गांवों में चेन लिंक फेंसिंग, राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत में चार कक्षा-कक्ष, छतार में कुमाऊंनी शैली का घंटाघर, देवीधुरा में मल्टीलेवल पार्किंग और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को आदर्श जिले के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। सड़क, शिक्षा, पर्यटन, कृषि और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों तक पहुंचे।

इस दौरान मुख्यमंत्री जिला बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए। उन्होंने अधिवक्ता चेंबर, सुगम वाहन पार्किंग और आधुनिक ई-लाइब्रेरी की स्थापना की घोषणा की।

इसके अलावा बनबसा में 11 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण किया और नशामुक्ति सद्भावना दौड़ को हरी झंडी दिखाई।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में एक ओर राजनीतिक विवाद और संगठनात्मक मतभेद चर्चा में रहे, तो दूसरी ओर नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण और चंपावत में विकास योजनाओं के जरिए सरकार ने प्रशासनिक और विकास संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाया।

वहीं, कुंजापुरी मेले में कलाकार की प्रस्तुति को लेकर उठा विवाद सांस्कृतिक आयोजनों की व्यवस्थाओं और दर्शकों की अपेक्षाओं को लेकर भी सवाल खड़े कर गया।