बड़ी खबर: मिलावट पर छापे, ब्लाइंड मर्डर का खुलासा। शिक्षिका पर गाज, सिलक्यारा सुरंग में फिर भूस्खलन

मिलावट पर छापे, ब्लाइंड मर्डर का खुलासा। शिक्षिका पर गाज, सिलक्यारा सुरंग में फिर भूस्खलन

देहरादून। उत्तराखंड में सोमवार को प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आईं। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी रोकने के लिए देहरादून में जिला प्रशासन ने मिठाई, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर सैंपल लिए।

वहीं ऊधम सिंह नगर पुलिस ने काशीपुर में 19 वर्षीय युवती की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर अल्मोड़ा में छात्रा से मारपीट के मामले में अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त कर दिया गया। वहीं सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में एक बार फिर भूस्खलन से निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर प्रशासन की नजर, मिठाई और डेयरी प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

त्योहारी सीजन को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और घटिया गुणवत्ता के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के कई प्रतिष्ठित मिठाई, डेयरी, कैंटीन और रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान आनंदम स्वीट्स, 5 स्टार, कोहली स्वीट्स, कालरा स्वीट्स समेत कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, रखरखाव और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई।

टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए, जिन्हें नियमानुसार जांच के लिए भेजा जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सैंपलिंग और निरीक्षण अभियान लगातार जारी रखने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान रखें तथा मिलावट की शिकायत तत्काल संबंधित विभाग को दें।

72 घंटे की जांच के बाद काशीपुर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, डंपर चालक समेत दो गिरफ्तार

उधर, ऊधम सिंह नगर पुलिस ने काशीपुर में 20 अगस्त को सड़क किनारे मिली 19 वर्षीय युवती की लाश के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार वारदात की गुत्थी सुलझाने के लिए अलग-अलग टीमों ने करीब 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि युवती ने चैती मैदान के पास एक डंपर से लिफ्ट मांगी थी। आरोप है कि कुछ दूरी पर ले जाने के बाद डंपर में सवार आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया।

युवती के विरोध करने पर विवाद हुआ और पुलिस के मुताबिक आरोपी राजू ने डंपर में रखे लोहे के हुक से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डंपर संख्या UK15CA-1437 को चिन्हित किया। वाहन स्वामी से पूछताछ में पता चला कि घटना के समय डंपर राजू पुत्र ललित निवासी कचनालगुसाई चला रहा था और उसके साथ सुमित पुत्र राजू निवासी धनौरी पट्टी मौजूद था। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस ने उनकी कथित संलिप्तता के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर डंपर, लोहे का हुक, मृतका का बैग और मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया है। बैग से आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आयुष्मान कार्ड भी मिले।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने मोबाइल को सड़क पर रखकर जांच को भटकाने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों ने उनकी योजना विफल कर दी।

छात्रा से मारपीट पर अतिथि शिक्षिका का अनुबंध खत्म, डीएम ने स्कूल पहुंचकर लिया जायजा

अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में छात्रा के साथ मारपीट के मामले में प्रशासन ने भी सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच समिति की रिपोर्ट में अतिथि शिक्षिका की भूमिका सामने आने के बाद उनका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सोमवार को विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य, संबंधित छात्रा के माता-पिता और अन्य छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालय में पढ़ाई, अनुशासन, उपलब्ध सुविधाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी भी ली।

डीएम ने स्पष्ट कहा कि अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ मारपीट या किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। बच्चों के साथ सकारात्मक संवाद और काउंसलिंग के जरिए समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान छात्रों ने फुटबॉल खेलने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। डीएम ने खेल सुविधाएं विकसित करने, विद्यालय के शौचालय और साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने, पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और पानी के भंडारण के लिए टैंक लगाने के निर्देश दिए। सड़क से विद्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग को बेहतर करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में फिर गिरा मलबा, 2023 के हादसे के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल

उत्तरकाशी में चारधाम सड़क परियोजना के तहत निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। 21 अगस्त को हुई इस घटना की जानकारी अब सामने आई है। बताया जा रहा है कि पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब 1300 से 1500 मीटर अंदर सुरंग में पहाड़ी से मलबा गिरा।

मलबा गिरने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और उसे हटाने का काम शुरू किया गया। हालांकि निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने इसे सुरंग निर्माण के दौरान होने वाली सामान्य प्रक्रिया बताया है और किसी बड़े खतरे की आशंका से इनकार किया है।

कंपनी के प्रोजेक्ट प्रबंधक श्रीराम के मुताबिक, सुरंग में खुदाई के दौरान कुछ स्थानों पर मलबा गिरता है और सुरक्षा मानकों के तहत उसे हटाया जा रहा है।

लेकिन यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि नवंबर 2023 में इसी सिलक्यारा सुरंग में बड़ा हादसा हुआ था।

उस समय सुरंग के भीतर भूस्खलन के कारण 41 श्रमिक फंस गए थे और करीब 17 दिन तक चले लंबे बचाव अभियान के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उस हादसे ने हिमालयी क्षेत्र में सुरंग निर्माण, भूगर्भीय सर्वेक्षण और सुरक्षा मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे।

करीब 4.5 किलोमीटर लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। तकनीकी और भूगर्भीय चुनौतियों के कारण परियोजना में देरी हुई। वर्ष 2024 में सुरंग को आर-पार किया गया था और वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी का लक्ष्य मार्च 2027 तक परियोजना पूरी करना है।

एक तरफ मिलावट पर शिकंजा, दूसरी तरफ अपराध और पहाड़ी अव्यवस्था की तस्वीर

उत्तराखंड में सामने आई इन चार घटनाओं ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं को एक साथ सामने ला दिया है। देहरादून में जहां त्योहारी सीजन से पहले प्रशासन मिलावटखोरी पर शिकंजा कसने के लिए मैदान में उतरा है।

वहीं काशीपुर हत्याकांड का खुलासा पुलिस की तकनीकी जांच और सीसीटीवी निगरानी की भूमिका को दिखाता है। अल्मोड़ा में छात्रा से मारपीट के मामले में तत्काल कार्रवाई ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के तरीकों पर सवाल खड़े किए हैं।

दूसरी ओर सिलक्यारा सुरंग में दोबारा मलबा गिरने की घटना यह याद दिलाती है कि हिमालयी क्षेत्र में बड़े निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्कता जरूरी है। खासतौर पर उस सुरंग में, जहां दो साल पहले 41 श्रमिकों को 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करना पड़ा था।

इन घटनाओं के बीच प्रशासन के सामने चुनौती केवल कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि कार्रवाई का असर जमीन पर दिखाई दे।

त्योहारी खाद्य सुरक्षा से लेकर महिलाओं की सुरक्षा, स्कूलों में बच्चों के संरक्षण और पहाड़ों में निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा तक हर मोर्चे पर सरकारी तंत्र की सक्रियता और जवाबदेही अब सीधे जनता की नजर में है।