उत्तराखंड में चुनावी हलचल। यूकेडी ने सभी 70 सीटों पर ठोकी ताल, हरक सिंह ने खोले चुनावी पत्ते
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने ‘संकल्प, नए उत्तराखंड का’ एजेंडा जारी कर सभी 70 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने मैदानी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताकर नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।
यूकेडी ने अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान
देहरादून और गैरसैंण में आयोजित बैठकों में यूकेडी ने 2027 चुनाव का शंखनाद करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी। केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी और अन्य नेताओं ने ‘संकल्प, नए उत्तराखंड का’ एजेंडा जारी करते हुए पांच प्रमुख प्राथमिकताएं रखीं।
इनमें अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा, मूल निवास कानून, राज्य-विशिष्ट सख्त भू-कानून, पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आरक्षण लाभों का न्यायसंगत वितरण शामिल है।
गैरसैंण में सैनिक प्रकोष्ठ के मंथन कार्यक्रम में भी यूकेडी नेताओं ने भाजपा और कांग्रेस पर राज्य की उपेक्षा का आरोप लगाया। केंद्रीय उपाध्यक्ष कर्नल सुनील कोटनाला ने कहा कि पार्टी सत्ता में आने पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और मूल निवास व भू-कानून को प्राथमिकता देगी।
हरक सिंह रावत ने जताई मैदानी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव में मैदानी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी हाईकमान को अपनी इच्छा से अवगत करा दिया गया है और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा।
हरक सिंह का कहना है कि यदि उन्हें मैदानी सीट से चुनाव लड़ने का मौका मिलता है तो वे अपने चुनाव के साथ-साथ प्रदेश की अन्य विधानसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में अधिक समय देकर प्रचार कर सकेंगे। उन्होंने संकेत दिए कि सहसपुर समेत कुछ मैदानी सीटें उनके लिए उपयुक्त हो सकती हैं।
प्रदेश में चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन यूकेडी की चुनावी रणनीति और कांग्रेस के भीतर सीटों को लेकर शुरू हुई हलचल ने 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है।


