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- देहरादून में चोरी का खुलासा सोशल मीडिया से, पौड़ी में कार पर गिरा मलबा, हरिद्वार में ड्रोन से कार्रवाई और किच्छा खान फार्म विवाद में प्रशासन ने बनाए रखी यथास्थिति
देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को कानून-व्यवस्था, राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं चर्चा में रहीं। देहरादून के बैरागीवाला हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की।
वहीं भाजपा विधायक दिलीप रावत का वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर दिया गया बयान विवादों में घिर गया। दूसरी ओर, 32 साल पुराने रामपुर तिराहा फर्जी हथियार बरामदगी मामले में सीबीआई कोर्ट ने तीन पूर्व पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
बैरागीवाला हत्याकांड में 9 आरोपी गिरफ्तार
दून पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सहसपुर पुलिस ने हरियाणा के यमुनानगर हाईवे स्थित एक होटल से मुख्य आरोपी अमन और उसके दो साथियों सावेज व आजम को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। 13 जून को खेत में पानी चलाने के विवाद में हुई हिंसा में विनोद कुमार की मौत हो गई थी।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर बयान से घिरे विधायक
लैंसडाउन से भाजपा विधायक दिलीप रावत का यह बयान कि “बुद्धिमान व्यक्ति क्रांति नहीं करते, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली भी ऐसे बुद्धिमान नहीं थे” सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विवाद बढ़ने पर विधायक ने सफाई दी कि उनके बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनसे सार्वजनिक माफी की मांग तेज हो गई है।
सोशल मीडिया से खुला चोरी का राज
राजपुर थाना क्षेत्र में एक वर्ष पुराने लाखों रुपये के गहनों की चोरी के मामले में नया मोड़ आया है। पीड़िता ने दावा किया कि घरेलू सहायिका के इंस्टाग्राम रील और व्हाट्सएप स्टेटस में अपने चोरी हुए गहने देखकर उन्होंने दोबारा शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पौड़ी में बड़ा हादसा टला
सतपुली-पौड़ी मोटर मार्ग पर अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार में सवार एक ही परिवार के छह लोगों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी को मामूली चोटें आई हैं।
हरिद्वार में ड्रोन से निगरानी, 51 लोगों पर कार्रवाई
बोडाहेड़ी गांव में दो पक्षों के विवाद के बाद पुलिस ने ड्रोन कैमरे से निगरानी की। कई घरों की छतों पर ईंट-पत्थर मिलने पर 22 महिलाओं और 29 पुरुषों सहित कुल 51 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई।
रामपुर तिराहा केस में 32 साल बाद फैसला
1994 के रामपुर तिराहा गोलीकांड से जुड़े फर्जी हथियार बरामदगी मामले में सीबीआई कोर्ट ने तत्कालीन एसएचओ और दो पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ वर्ष के कठोर कारावास और 21-21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने माना कि आंदोलनकारियों को फंसाने के लिए झूठे साक्ष्य तैयार किए गए थे।
किच्छा खान फार्म विवाद में यथास्थिति बरकरार
उधम सिंह नगर के चर्चित खान फार्म भूमि विवाद में एडीएम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों को न्यायालय का रुख करने की सलाह दी गई है।

