क्राइम रिपोर्ट: उत्तराखंड में एक दिन, कई बड़े घटनाक्रम! हत्या, सजा, प्रदर्शन, छापेमारी और हादसों की गूंज

उत्तराखंड में एक दिन, कई बड़े घटनाक्रम! हत्या, सजा, प्रदर्शन, छापेमारी और हादसों की गूंज

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार का दिन अपराध, कानून-व्यवस्था, न्यायिक फैसलों, राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक कार्रवाई के लिहाज से बेहद घटनापूर्ण रहा।

हरिद्वार जिले के भगवानपुर में अपने ही सगे भांजे की हत्या करने वाले आरोपी मामा को पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बेटी का वैवाहिक जीवन टूटने की रंजिश में हत्या की बात कबूल की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए।

वहीं बहादराबाद पुलिस ने पांच महीने पुराने महिला हत्या मामले का खुलासा करते हुए जहरीला पदार्थ देकर पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

इधर चंपावत के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 75-75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।

दूसरी ओर, उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में जिला उद्योग केंद्र परिसर में बिजली विभाग और विजिलेंस की संयुक्त छापेमारी में चार लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए, जिनके खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

वहीं हल्द्वानी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले पांच कोचिंग सेंटरों को प्रशासन ने सील कर दिया। इससे पहले भी सात संस्थानों पर इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है।

राजनीतिक मोर्चे पर रुड़की में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौरे से पहले उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में ले लिया।

इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें संस्करण को सुना और युवाओं से संवाद करते हुए विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उत्पादों और जनभागीदारी पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

उधर हरिद्वार में टिहरी के चर्चित केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और खानपुर विधायक उमेश कुमार को पुलिस ने शंकराचार्य चौक पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिसमें सांसद के कपड़े तक फट गए। विरोध में दोनों नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार पर पीड़ित परिवार को न्याय से वंचित करने का आरोप लगाया।

प्रदेश में कानून-व्यवस्था से जुड़ी अन्य घटनाओं में रामनगर के खताड़ी क्षेत्र में जुआ खेलने से रोकने पर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

वहीं ऋषिकेश के निकट सिंगटाली पुल पर गंगा में स्नान के दौरान दिल्ली के दो युवक तेज बहाव में बह गए। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार दोनों युवकों की तलाश में सर्च अभियान चला रही हैं।

उत्तरकाशी के नौगांव ब्लॉक में खेत में काम कर रही 58 वर्षीय महिला की सर्पदंश से मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

इन तमाम घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, न्यायालयों की सख्ती, प्रशासन के अभियान, राजनीतिक गतिविधियां और जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दे लगातार केंद्र में बने हुए हैं।

एक ओर पुलिस अपराधियों पर तेजी से शिकंजा कस रही है और प्रशासन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी ओर राजनीतिक विरोध, न्याय की मांग और प्राकृतिक व आकस्मिक घटनाएं भी राज्य के सामने बड़ी चुनौतियों के रूप में मौजूद हैं।