एक दिन, चार बड़ी घटनाए। हिमस्खलन, सड़क हादसा, GST छापा और गैस रिसाव
देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार का दिन रोमांच, हादसों और प्रशासनिक कार्रवाई के नाम रहा। बागेश्वर में हिमस्खलन के बीच 19 सदस्यीय पर्वतारोहण दल बाल-बाल बच गया, जबकि हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में जीएसटी विभाग ने करोड़ों रुपये की कर चोरी का खुलासा किया।
वहीं, नैनीताल में पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। उधर, उधम सिंह नगर के गदरपुर में अमोनिया गैस रिसाव से एक मजदूर की जान चली गई।
बागेश्वर जिले में ट्रेल्स पास (5,312 मीटर) अभियान के दौरान 19 सदस्यीय पर्वतारोहण दल हिमस्खलन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया।
अभियान लीडर दिनेश सिंह दानू के मुताबिक, वापसी के दौरान धूप बढ़ने से बर्फ पिघलने लगी और अंतिम ढलान पार करते समय सपोर्ट टीम की सतर्कता से सभी सदस्य सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। कुछ ही सेकेंड में हिमस्खलन दल के बेहद करीब से गुजर गया।
हरिद्वार के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में राज्य कर विभाग ने चार कंपनियों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी और सर्कुलर ट्रेडिंग का खुलासा किया। विभाग ने मौके पर ही दो करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए। अधिकारियों के अनुसार, कंपनियां फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए कर चोरी कर रही थीं।
नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। सभी यात्री उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
उधर, उधम सिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र स्थित एक आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव होने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस, जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और गैस रिसाव के कारणों की जांच की जा रही है।
राज्य में एक ओर जहां प्राकृतिक चुनौतियां और औद्योगिक हादसे चिंता बढ़ा रहे हैं, वहीं प्रशासनिक एजेंसियां कर चोरी और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही हैं।


