गुड न्यूज: वन दरोगा भर्ती में ग्रेजुएशन अनिवार्य, उम्र सीमा 35 साल तक बढ़ी

वन दरोगा भर्ती में ग्रेजुएशन अनिवार्य, उम्र सीमा 35 साल तक बढ़ी

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने युवाओं को साधने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वन विभाग से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए वन दरोगा भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।

अब तक वन दरोगा पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं) थी, जिसे बढ़ाकर स्नातक (ग्रेजुएशन) कर दिया गया है। यानी अब केवल ग्रेजुएट अभ्यर्थी ही इस पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे विभाग में अधिक दक्ष और योग्य युवाओं की एंट्री होगी।

उम्र सीमा में बड़ा बदलाव

कैबिनेट के फैसले के अनुसार वन दरोगा भर्ती के लिए आयु सीमा में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है।

  • न्यूनतम आयु: 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 28 से बढ़ाकर 35 वर्ष

इस बदलाव से अब अधिक उम्र के युवा भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे, जिसे युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।

वन आरक्षी और सांख्यिकीय सेवा में भी संशोधन

कैबिनेट ने केवल वन दरोगा ही नहीं, बल्कि अन्य पदों के नियमों में भी बदलाव किए हैं।

  • वन आरक्षी (Forest Guard): आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय
  • वन सांख्यिकीय सेवा: 4 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के नियमों में संशोधन, तकनीकी योग्यता को स्पष्ट किया गया

विभाग में सुधार की दिशा में कदम

वन मंत्री सुबोध उनियाल और विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है।

वन दरोगा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष स्वरूप चंद रमोला ने भी इसे सकारात्मक फैसला बताते हुए कहा कि इससे विभाग में बेहतर प्रतिभा आएगी और वन संरक्षण कार्य मजबूत होगा।

भर्ती प्रक्रिया और शारीरिक मानक

वन दरोगा भर्ती में लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा भी अनिवार्य होती है। प्रमुख मानक इस प्रकार हैं।

  • पुरुष: 25 किमी दौड़ (4 घंटे में)
  • महिला: 14 किमी दौड़
  • हाइट: पुरुष 163 सेमी, महिला 150 सेमी (आरक्षित वर्गों को छूट)
  • सीना (पुरुष): 5 सेमी फुलाव आवश्यक

वेतनमान और संभावनाएं

वन दरोगा का वेतनमान ₹29,200 से ₹92,300 (लेवल-05) निर्धारित है। सरकार के इस फैसले के बाद जल्द ही बड़ी संख्या में भर्तियों की विज्ञप्ति जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक मायने भी अहम

इस फैसले को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। 2027 चुनाव से पहले युवाओं को आकर्षित करने के लिए इसे सरकार का रणनीतिक कदम माना जा रहा है। बढ़ी हुई आयु सीमा और उच्च शैक्षिक योग्यता के जरिए सरकार एक बड़े युवा वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है।