बड़ी खबर: बार विवाद में उलझा पुलिस महकमा, आईजी-एसएसपी से जवाब तलब

बार विवाद में उलझा पुलिस महकमा, आईजी-एसएसपी से जवाब तलब

देहरादून। राजपुर रोड स्थित एक बार-रेस्टोरेंट में शनिवार रात हुई घटना के बाद पुलिस महकमे में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।

एक ओर प्रमोद कुमार ने खुद को इस पूरे प्रकरण से अलग बताते हुए कहा कि उनका नाम गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रमेंद्र डोबाल और राजीव स्वरूप दोनों से जवाब तलब कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि शनिवार रात आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप अपने परिवार के साथ बार-रेस्टोरेंट में डिनर कर रहे थे। इसी दौरान नीचे अलग-अलग थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात थी।

रात 12 बजे निर्धारित समय पर जब आईजी बाहर निकले तो उन्होंने एक ही प्रतिष्ठान पर इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी पर सवाल खड़े किए।

आईजी का कहना है कि जब शहर के अन्य हिस्सों में भी सुरक्षा की जरूरत है, तो एक जगह इतनी फोर्स लगाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसी दौरान कहीं और कोई अपराध हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता।

एसपी सिटी की सफाई

इस पूरे घटनाक्रम में नाम आने के बाद प्रमोद कुमार ने मीडिया में चल रही खबरों को भ्रामक बताया। उन्होंने साफ कहा कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे, बल्कि कुठाल गेट क्षेत्र में अलग-अलग टीमों के साथ चेकिंग कर रहे थे।

मुख्यालय सख्त, एडीजी ने मांगा जवाब

मामले ने तूल पकड़ा तो वी मुरुगेशन ने सख्ती दिखाते हुए आईजी और एसएसपी दोनों से 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। हालांकि विधानसभा के विशेष सत्र के चलते रिपोर्ट समय पर नहीं सौंपी जा सकी, लेकिन अब इसे हर हाल में मुख्यालय को देना होगा।

क्यों बढ़ा विवाद?

दरअसल, हाल के दिनों में देहरादून में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद सरकार ने बार-रेस्टोरेंट के संचालन समय पर सख्ती लागू की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वीकेंड पर रात 12 बजे और अन्य दिनों में रात 11 बजे तक ही संचालन की अनुमति है।

इसी के तहत पुलिस ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘नाइट स्ट्राइक’ अभियान चला रही है, जिसके तहत देर रात तक खुले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है।

एनएसयूआई का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। NSUI ने देहरादून में प्रदर्शन कर आईजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिला अध्यक्ष हिमांशु ने आरोप लगाया कि एक तरफ पुलिस आम लोगों पर सख्ती कर रही है।

वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ अधिकारी खुद नियमों का पालन नहीं कर रहे। छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

अब क्या आगे?

अब सबकी नजरें आईजी और एसएसपी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह मामला सिर्फ एक बार-रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस व्यवस्था, जवाबदेही और कानून के समान पालन पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।