धार्मिक: धारी देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण, मोबाइल फोन प्रतिबंध। बदरी-केदार में पूजा शुल्क बढ़ा

धारी देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण, मोबाइल फोन प्रतिबंध। बदरी-केदार में पूजा शुल्क बढ़ा

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर शासन-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्ग पर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर परिसर को आधुनिक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया है, वहीं मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। दूसरी ओर बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में होने वाली विशेष पूजाओं के शुल्क में भी बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।

धारी देवी मंदिर परिसर रोशनी से जगमगाया

चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित रंग-बिरंगी वॉल वॉशर लाइटिंग लगाई गई है। शाम ढलते ही मंदिर परिसर जगमग रोशनी से नहा उठता है, जिससे यहां का दृश्य अत्यंत भव्य और मनमोहक दिखाई देता है। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि धारी देवी मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और यादगार अनुभव देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में मंदिर परिसर में आधुनिक प्रोग्रामिंग आधारित लाइटिंग सिस्टम स्थापित किया गया है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि यह अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम कंप्यूटर के माध्यम से संचालित होता है, जिसके जरिए अलग-अलग रंगों और पैटर्न की रोशनी मंदिर परिसर में प्रदर्शित की जाती है।

कंपनी द्वारा यह कार्य 2 मार्च को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था। मंदिर के पुजारी लक्ष्मी प्रसाद पाण्डेय ने भी इस पहल के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया है।

मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध का फैसला

उधर श्रीनगर गढ़वाल में नगर निगम और मंदिर समिति की बैठक में धारी देवी मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में लॉकर व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि दर्शन के दौरान लोग अपना सामान सुरक्षित रख सकें। इसके अलावा दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने और मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है।

19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा

इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है।

बदरीनाथ-केदारनाथ में विशेष पूजा शुल्क बढ़ा

इसी बीच बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने दोनों धामों में होने वाली विशेष पूजाओं के शुल्क में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। बीकेटीसी की 10 मार्च को हुई बजट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में महाभिषेक, रुद्राभिषेक, आरती समेत कई प्रकार की विशेष पूजाएं कराई जाती हैं। पिछले दो वर्षों से पूजा शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, इसलिए अब 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि संस्था की आय का मुख्य स्रोत श्रद्धालुओं का दान और चढ़ावा है, जिससे बीकेटीसी के अधीन आने वाले 47 मंदिरों का संचालन और रखरखाव किया जाता है। नई शुल्क सूची यात्रा शुरू होने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।