ज्योतिर्मठ में केंद्रीय आरक्षण की मांग को लेकर पैनखंडा समुदाय का शक्ति प्रदर्शन, जमकर नारेबाजी
रिपोर्ट- गिरीश चंदोला
चमोली। सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ में पैनखंडा समुदाय ने एक बार फिर अपनी लंबे समय से लंबित मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
समुदाय के सैकड़ों लोगों ने केंद्रीय आरक्षण सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर विशाल जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
केंद्रीय आरक्षण की मांग को लेकर हुंकार
पैनखंडा समुदाय को वर्ष 2017 में राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड की आरक्षण सूची में शामिल किया गया था। वर्तमान में यह समुदाय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आता है और राज्य स्तर पर 14% आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रहा है।
हालांकि, समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्रीय सेवाओं और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का लाभ न मिल पाने के कारण युवाओं को अखिल भारतीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य सूची में शामिल होने के बावजूद, केंद्रीय सूची में नाम न होने से उनके प्रतिभाशाली युवाओं को सरकारी नौकरियों और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अवसरों से वंचित रहना पड़ रहा है।
‘हक की लड़ाई’ बता रहा समुदाय
समुदाय के नेताओं का कहना है कि वे अपनी भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर वर्षों से इस अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने सरकार का ध्यान सीमांत क्षेत्र के इस वर्ग की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है।
कौन है पैनखंडा समुदाय?
पैनखंडा समुदाय उत्तराखंड के सीमांत जिला चमोली के ज्योतिर्मठ ब्लॉक में निवास करता है। जिले के लगभग 58 गांवों में इस समुदाय की आबादी फैली हुई है। यह समुदाय उत्तराखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आता है। और राज्य स्तर पर 14% आरक्षण का लाभ मिलता है।
मांग: केंद्रीय सेवाओं और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में भी समान आरक्षण सुविधा।
आंदोलन का संदेश
ज्योतिर्मठ की सड़कों पर निकले इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि पैनखंडा समुदाय अब अपनी मांग को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है।
सीमांत क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर समान अवसर दिलाने की इस मांग ने एक बार फिर आरक्षण नीति और राज्य बनाम केंद्र सूची के अंतर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या पैनखंडा समुदाय को केंद्रीय आरक्षण सूची में स्थान मिल पाता है या नहीं।



