बिग ब्रेकिंग: WhatsApp की नई AI नीति पर EU सख्त, Meta को एंटी-प्रतिस्पर्धा के आरोप में चेतावनी

WhatsApp की नई AI नीति पर EU सख्त, Meta को एंटी-प्रतिस्पर्धा के आरोप में चेतावनी

वाट्सएप की नई एआई नीति को लेकर मेटा एक बार फिर विवादों में घिर गई है। यूरोपीय संघ (EU) ने मेटा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर अन्य एआई चैटबॉट्स जैसे ChatGPT के उपयोग पर रोक नहीं हटाई तो सख्त नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।

आरोप है कि मेटा बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सिर्फ अपने ‘Meta AI’ को बढ़ावा देना चाहता है। EU आयोग का कहना है कि इतनी बड़ी डिजिटल सेवा पर एकाधिकार जैसी स्थिति बनाना डिजिटल मार्केट नियमों के खिलाफ हो सकता है।

क्या है विवाद,

अक्टूबर 2025 में वाट्सएप ने बिजनेस अकाउंट्स के लिए नई एआई नीति घोषित की थी, जो 15 जनवरी 2026 से लागू हो चुकी है। इन नियमों के तहत:

  • बाहरी एआई सेवाओं को वाट्सएप प्लेटफॉर्म पर सीधे इंटीग्रेशन की अनुमति नहीं होगी।
  • मेटा यह तय करेगा कि कौन-सा एआई सिस्टम उसके नियमों के अनुरूप है।
  • हालांकि, कंपनियां अपने सीमित ग्राहक सेवा बॉट का उपयोग कर सकती हैं, बशर्ते वे मेटा की शर्तों का पालन करें।

इन बदलावों के बाद अब वाट्सएप पर केवल ‘Meta AI’ को प्राथमिक रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे अन्य एआई कंपनियों की पहुंच सीमित हो सकती है।

EU की चेतावनी,

यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि यह नीति डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन करती पाई गई, तो भारी जुर्माना या बाध्यकारी आदेश जारी किए जा सकते हैं। EU पहले भी बड़ी टेक कंपनियों पर एकाधिकार को लेकर कड़ी कार्रवाई करता रहा है।

भारत में भी बढ़ी चिंता,

भारत में करीब 50 करोड़ से अधिक लोग वाट्सएप का उपयोग करते हैं। ऐसे में एआई विकल्पों की सीमित उपलब्धता बड़ा मुद्दा बन सकती है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) पहले ही अपनी रिपोर्ट में आगाह कर चुका है,

कि बड़ी टेक कंपनियां अपने विशाल डाटा और संसाधनों का इस्तेमाल कर बाजार पर प्रभुत्व जमा सकती हैं, जिससे स्टार्टअप और छोटी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो जाती है।

आगे क्या,

अगर EU या अन्य नियामक संस्थाएं इसे एंटी-प्रतिस्पर्धी कदम मानती हैं, तो मेटा को अपनी नीति में बदलाव करना पड़ सकता है। फिलहाल यह मामला वैश्विक टेक इंडस्ट्री में ‘ओपन मार्केट बनाम प्लेटफॉर्म कंट्रोल’ की बहस को और तेज कर रहा है।