बिग ब्रेकिंग: केंद्रीय बजट 2026–27: दवाएं सस्ती, शराब महंगी, उत्तराखंड के किसानों-पर्यटन को नई दिशा

केंद्रीय बजट 2026–27: दवाएं सस्ती, शराब महंगी, उत्तराखंड के किसानों-पर्यटन को नई दिशा

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट संसद में पेश किया। अपने लगातार 9वें बजट में वित्त मंत्री ने जहां स्वास्थ्य, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया, वहीं उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए आयुर्वेद, हर्ब्स, हेंप खेती और ट्रेकिंग-हाइकिंग को नई संभावनाओं से जोड़ने की कोशिश की गई है।

क्या सस्ता होगा

बजट के मुताबिक कैंसर की 17 दवाएं सस्ती होंगी, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आम लोगों को राहत मिलेगी। डायबिटीज और कैंसर की दवाओं के साथ-साथ मोबाइल फोन, EV बैटरी, सोलर पैनल, माइक्रोवेव ओवन, चमड़े के सामान और स्पोर्ट्स का सामान भी सस्ता होगा।

विदेश यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे विदेश पढ़ाई और इलाज कराने वालों को राहत मिलेगी।

क्या होगा महंगा

वहीं दूसरी ओर शराब, तंबाकू, जर्दा, गुटखा, खनिज और स्क्रैप पर टैक्स बढ़ाया गया है। इसके अलावा स्टॉक ऑप्शन और फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT बढ़ने से निवेशकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कुछ इंडस्ट्रियल मशीनरी और पार्ट्स की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

उत्तराखंड के लिए क्यों खास है यह बजट

केंद्रीय बजट 2026 में उत्तराखंड के छोटे और सीमांत किसानों के लिए आयुर्वेद, हर्ब्स, ड्राई फ्रूट्स और आधुनिक बागवानी को बड़ी संभावना के रूप में देखा जा रहा है। अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, जटामांसी और कुटकी जैसी औषधीय फसलें कम जमीन में उगाकर किसान बेहतर आमदनी कर सकते हैं।

बजट में हेंप (भांग आधारित फाइबर) का जिक्र पहली बार होने से पर्वतीय किसानों को एक हाई-वैल्यू क्रॉप का विकल्प मिलने की उम्मीद है।

खेती में AI और युवाओं की भागीदारी

किसानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के विस्तार से मौसम, फसल की सेहत और बाजार भाव की जानकारी आसान होगी। इससे खासतौर पर युवा वर्ग खेती से जुड़ सकता है।

ट्रेकिंग-हाइकिंग और इको-टूरिज्म को बढ़ावा

बजट में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में इकोलॉजिकल सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की गई है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट को ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प की दिशा में निर्णायक कदम बताया। वहीं कांग्रेस ने बजट को दिशाहीन बताते हुए उत्तराखंड और आम आदमी की उपेक्षा का आरोप लगाया है।

केंद्रीय बजट 2026–27 में एक तरफ जहां स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर जोर है, वहीं उत्तराखंड के लिए आयुर्वेद, हर्ब्स, हेंप और ट्रेकिंग जैसे सेक्टर नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। सही नीति और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ यह बजट पर्वतीय राज्य में खेती, पर्यटन और रोजगार को नई दिशा दे सकता है।