राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का गंभीर मामला, दो सीनियर छात्र निष्कासित
देहरादून स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (राजकीय दून मेडिकल कॉलेज) में रैगिंग का एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। एमबीबीएस 2025 बैच के एक जूनियर छात्र ने अपने दो सीनियर छात्रों पर बेरहमी से मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
पीड़ित छात्र द्वारा 13 जनवरी को कॉलेज वार्डन को सौंपी गई लिखित शिकायत के अनुसार, 12 जनवरी को 2024 और 2023 बैच के दो सीनियर छात्रों ने पहले हॉस्टल परिसर में उसके साथ मारपीट की।
इसके बाद उसे जबरन कॉलेज कैंपस से बाहर ले जाकर बेल्ट और चप्पलों से पीटा गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने छात्र पर जबरन बाल कटवाने का दबाव बनाया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
छात्र का आरोप है कि उसे रात के समय कैंपस के बाहर बने ‘स्वास्तिक’ स्थल के पास सोने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद से वह खुद को असुरक्षित और भयभीत महसूस कर रहा है।
मामले के सामने आते ही कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. गीता जैन ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एंटी-रैगिंग कमेटी को सौंप दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलेज में रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाती है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक कार्रवाई के तहत एंटी-रैगिंग कमेटी ने दोनों आरोपित छात्रों को तत्काल हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। साथ ही, अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें कॉलेज परिसर में प्रवेश से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो निलंबन या इससे भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और रैगिंग जैसी अमानवीय प्रवृत्तियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की निगाहें एंटी-रैगिंग कमेटी की अंतिम रिपोर्ट और कॉलेज प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



