भूमाफियाओं से जमीन बचाने के लिए अधिकारियों के चौखट पर दौड़ता-दौड़ता थक गया गरीब

भूमाफियाओं से जमीन बचाने के लिए अधिकारियों के चौखट पर दौड़ता-दौड़ता थक गया गरीब

 

– योगिराज में न्याय मिलना हुआ मुश्किल

कौशाम्बी। उत्तरप्रदेश के योगीराज में भी गरीब कमजोर मजदूरों को न्याय मिलता नहीं दिख रहा है, लड़ाई झंझट के मामले के साथ-साथ आए दिन गरीबों की जमीन कब्जा करना दबंगों के लिए आम बात हो गई है। न्याय देने के लिए बैठी योगी सरकार की पुलिस दबंगों के आगे गरीबों को न्याय नहीं दे पाती है। जिसके चलते आम जनता का योगी सरकार की कानून व्यवस्था से विश्वास उठता दिख रहा है।

 

जिले की जनता रोज डीएम कमिश्नर एसपी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गरीब कमजोर मजदूर न्याय की मांग कर रहे हैं। लेकिन जांच के नाम पर केवल और केवल कागजों की आंकड़े बाजी खेल तक विभागीय अधिकारी रह गए हैं। जिससे आम जनता गरीब कमजोर योगीराज में गेंहू के आटे की तरह पिस रहा है।

 

ऐसे तमाम मामलों में सिराथू तहसील क्षेत्र के मंझनपुर कोतवाली अंतर्गत शिवपुर बसोहनी गांव के गरीब किसान रामसुख पुत्र छोटू के भूमि संख्या 45 रकबा 0.1160 का उदाहरण पर्याप्त है। गांव के दबंगों द्वारा रामसुख की भूमि पर जबरिया कूड़ा करकट फेक का कब्जा करने के प्रयास किये जा रहे है। इसी मामले का उदाहरण पर्याप्त है।

Advertisements

 

रामसुख मौर्या पुत्र छोटू ने पहले तो थाना तहसील में कई प्रार्थना पत्र दिया इस पर एसडीएम सिराथू ने एसएचओ मंझनपुर को कार्रवाई का निर्देश भी दिया। लेकिन कार्यवाही नहीं हो सकी, इसके बाद रामसुख ने संपूर्ण समाधान दिवस में 25 नवंबर को न्याय मांगा, जिस पर उपनिदेशक कृषि को मामले के निस्तारण का निर्देश दिया गया, लेकिन 24 दिन बीत जाने के बाद भी उपनिदेशक कृषि ने इस मामले का निस्तारण नहीं किया।

पीड़ित रामसुख मौर्या ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल संख्या 200 1741 9008094 पर शिकायत दर्ज करा कर मुख्यमंत्री से न्याय मांगा इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया और जिलाधिकारी ने 3 दिसंबर को अधीनस्थों को प्रकरण को निस्तारित करने का निर्देश दिया।

लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक गरीब किसान को न्याय नहीं मिल सका, आखिर अपनी भूमि धरी भूमि और संपत्ति बचाने के लिए गरीब कब तक आला अधिकारियों के चौखट पर न्याय के लिए गिड़गिड़ाते रहेंगे यह योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। लाचार कानून व्यवस्था पर योगी सरकार को गंभीरता दिखानी होगी, जिससे आला अधिकारियों के कार्य में तेजी आ सके और आम जनता गरीब को त्वरित न्याय मिल सके।