Exclusive: मुख्यमंत्री अधिकारियों के सर फोड़ना चाहते हैं अपनी नाकामी का ठीकरा

मुख्यमंत्री अधिकारियों के सर फोड़ना चाहते हैं अपनी नाकामी का ठीकरा

 

– सरकार को चेताया था बाजारू कर्ज मामले में भी मोर्चा ने
– कर्ज के ब्याज मामले में पहले ही कर चुका खुलासा मोर्चा
– कैग रिपोर्ट के बाद त्रिवेंद्र खो चुके सत्ता में बने रहने का हक
– जमीनी एवं प्रशासनिक अनुभव हीनता मामले में मुखिया में फेल….

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आज दिनांक- 12/12/19 को अपना एक बयान जारी करते हुए कहा कि, 2 दिन पहले सीएजी (कैग) की रिपोर्ट में जिस प्रकार सरकार की वित्तीय अनियमितता सामने आई है, उसके आधार पर सीएम त्रिवेंद्र रावत को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं रह जाता।

 

मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ ने कहा कि, मोर्चा पूर्व में भी लगातार बाजारू कर्ज एवं उसके ब्याज चुकाने के लिए लगातार लिए जा रहे कर्ज तथा सरकार की ब्यूरोक्रेसी पर लगाम कसने में नाकामी के बारे में सरकार एवं जनता को आगाह कर चुका है, लेकिन सरकार ने कोई सबक नहीं लिया, नतीजा, 2271 करोड का झटका लगा। आलम यह है कि, त्रिवेंद्र आज ब्यूरोक्रेसी पर लगाम कसने में पूरी तरह विफल हो चुके हैं।

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नेगी ने वार्ता को जारी रखते हुए कहा कि, वर्तमान समय में प्रदेश आर्थिक रूप से खोखला यानी दिवालिया होने के कगार पर है। प्रदेश के आर्थिक संसाधन लगातार घटते जा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ प्रदेश को लगभग 2500 करोड़ सालाना कर्ज का ब्याज चुकाने में खर्च करने पड़ रहे हैं। प्रदेश के मुखिया की अदूरदर्शिता एवं हठधर्मिता ने प्रदेश को बर्बाद कर दिया है, जिस कारण उनको सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं रह जाता। मोर्चा जनता से आग्रह करता है कि, नींद त्याग कर प्रदेश हित में जागें।