ग़जब: चहेतों के लिए सरकार को लगाई लाखों की चपत

चहेतों के लिए सरकार को लगाई लाखों की चपत

 

– महज 0.06 प्रतिशत के अंतर से आवंटित किए जॉब
– 200 रुपये के मामूली अंतर से आ रही घोटाले की बू

विकासनगर। निर्माण खंड लोनिवि देहरादून में वर्ष 2017 में हुए टेंडर घोटाले में न केवल निविदाओं के प्रकाशन में भारी अनियमितता की गई, बल्कि चहेते ठेकेदारों को महज 0.06 प्रतिशत के अंतर से न्यूनतम दरों में जॉब आवंटित कर दिए गए। जिससे सरकार को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। अमूमन प्रतिस्पर्धा वाले टेंडर में ठेकेदार 25 से 45 फ़ीसदी की न्यूनतम दरों पर जॉब लेते हैं। जिससे सरकार को अच्छा खासा राजस्व मिलता है।

 

एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में कुल 15 ठेकेदारों ने प्रतिभाग किया। जिनमें से दिनेश चौहान, पूरण सिंह, मैसर्स लक्ष्य कंस्ट्रक्शन, भजन राम, दयाराम और मुकेश तोमर नाम की फर्मों को जॉब आवंटित किए गए। दयाराम और मुकेश तोमर को दो-दो जॉब दिए गए। इस तरह कुल आठ फर्मों को 2,06,89,398 करोड़ की लागत का काम 2,06,77,449 करोड़, यानी मात्र 11,949 हजार के मामूली अंतर से देकर सरकार को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।

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हैरत की बात यह है कि, भजन राम नाम की फर्म को महज 200, मैसर्स लक्ष्य कंस्ट्रक्शन को 204 और दिनेश चौहान की फर्म को 304 रुपए के मामूली अंतर से लाखों के कार्य आवंटित किए गए। इसके साथ ही पूर्ण सिंह दयाराम और मुकेश तोमर नाम की फर्मों को भी 943,1,210 और मुकेश तोमर की फर्म को 2,494 और 4,277 रुपए के मामूली अंतर से कार्य आवंटित कर दिया गया। इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि, ठेकेदारों ने विभाग से मिलीभगत कर बिना प्रतिस्पर्धा के ही जॉब अपने नाम करा लिए। जानकारी के लिए बता दें कि मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता वाईएन राजवंशी के खिलाफ शासन ने चार्जशीट जारी की हुई है।

दोषी ठेकेदारों पर क्यों हो कार्रवाई

जन संघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में सवाल यह उठता है कि, शासन ने संबंधित अधिशासी अभियंता के खिलाफ तो भारी दबाव में कार्यवाही शुरू कर दी, लेकिन दोषी ठेकेदारों पर शासन आखिर कार्रवाई से क्यों बचा रहा है? जिस तरह टेंडर प्रक्रिया में मामूली अंतर से ठेकेदारों को जॉब आवंटित कर सरकार को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई, उससे साबित होता है कि, इसमें ठेकेदार भी उतने ही दोषी हैं, जितने की अधिकारी।