Exclusive: सरकार व राज्य की अवधारणा हुई तार-तार

सरकार व राज्य की अवधारणा हुई तार-तार

 

– मा0 उच्च न्यायालय के दस्तावेजों ने खोली सरकार की पोल….

देहरादून। जब न्यायालय से ही सब कुछ होना है,तो फिर उत्तराखण्ड केन्द्र शासित राज्य क्यों नहीं? मा0 उच्च न्यायालय के दस्तावेजों ने खोली सरकार की पोल? सीएम त्रिवेन्द्र के राज में 19,614 मामलों में ली गयी मा0 न्यायालय की शरण। पूर्ववर्ती सरकार से ज्यादा इस सरकार में कर्मचारी व आमजन परेशान है। इससे सरकार व राज्य की अवधारणा तार-तार हुई, प्रतिवर्ष सरकार के नाम पर करोड़ों रूपये क्यों खर्च हो? ऐसा आज विकासनगर स्तिथ जनसंघर्ष मोर्चा के कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा।

 

मोर्चा अध्यक्ष नेगी ने यह भी कहा कि, वैसे तो पूर्ववर्ती सरकारों के समय से ही कर्मचारियों व आमजनों का शोषण होता आया है, लेकिन त्रिवेन्द्र सरकार के कार्यकाल की बात की जाये तो प्रदेश के कर्मचारियों व आमजन को इन ढाई वर्ष से अधिक समय में सरकार से न्याय पाने की उम्मीद में सिर्फ ठोकरें व कोरे आश्वासन ही मिले हैं। नतीजा यह हुआ की कर्मचारियों व आमजन ने सरकार से उम्मीद न रखकर मा0 उच्च न्यायालय का रूख किया, और 19,614 मामलों में याचिकायें (एस0एस0/एस0बी0/एम0एस0/पी0आई0एल0) के तहत दायर की गई, यानि न्यायालय की शरण ली गयी।

Advertisements

रघुनाथ ने बताया कि, पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल 2015 तथा 2016 में 2,627 व 2,426 (एस0एस0) योजित की गयी तथा वहीं त्रिवेन्द्र सरकार के कार्यकाल 2017 व 2018 में 3,663 तथा 4,304 योजित की गयी। इसी प्रकार वर्ष 2015 व 2016 में 555 व 531 (एस0बी0) योजित की गयी, तथा सीएम त्रिवेन्द्र के राज 2017 व 2018 में 598 व 683 योजित की गयी। इसके अतिरिक्त वर्ष 2019 में 2,170 (एम0एस0), 2,317 (एस0एस0) तथा 477 (एस0बी0) योजित की गयी है। इसके साथ-साथ 574 पी0आई0एल0 योजित की गयी।

 

अगर सब कुछ मा0 न्यायालय के माध्यम से ही होना है, तथा छोटे-मोटे कार्य भी मा0 न्यायालय के दिशा-निर्देशन में होना है, तो सरकार की क्या जरूरत है? तथा क्यों सैकड़ों करोड़ रूपया सरकार चलाने में खर्च किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कई अन्य कारण हैं, जिन्हें जनता बखूबी जानती है। ऐसे में राज्य व सरकार का क्या औचित्य रह जाता है? क्यों न केन्द्र शासित राज्य की ओर कदम बढ़ाये जायें।

पत्रकार वार्ता में जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी, मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, मौ0 असद, प्रवीण शर्मा पीन्नी, सुशील भारद्वाज आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।