Breaking: भाजपा नेत्री एवं टिक टोक स्टार सोनाली फोगाट के साथ मारपीट

टिक टोक स्टार सोनाली फोगाट

भाजपा नेत्री एवं टिक टोक स्टार सोनाली फोगाट के साथ मारपीट

 

– सगी बहन और जीजा पर लगाए जान से मारने की धमकी के आरोप….

– बहन और बहनोई ने किया उनके साथ झगड़ा और गाली-गलौच….

देहरादून। टिक टॉक स्टार एवं भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट को जान से मारने की धमकी मिली है। इतना ही नहीं, उनके साथ मारपीट भी की गई है। ये आरोप खुद सोनाली फोगाट ने लगाए हैं, और आरोप भी किसी बाहर वाले पर नहीं, बल्कि खुद की सगी बहन व जीजा पर लगाए हैं। सोनाली फोगाट ने इस मामले में फतेहाबाद सदर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज की है। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। वहीं इस मामले में न तो खुद भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट और न ही उनके बहन-बहनोई खुलकर कुछ बोल रहे हैं।

 

 

बता दें कि, भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ चुकी सोनाली फोगाट ने शिकायत दी थी कि, गांव भूथन कलां में उनकी बहन और बहनोई अमन पूनियां ने उनके साथ झगड़ा किया, और जान से मारने की धमकी भी दी। फिलहाल उनकी शिकायत पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है।

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टिक टोक स्टार सोनाली फोगाट

फतेहाबाद सदर पुलिस को दी शिकायत में टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट ने आरोप लगाते हुए बताया कि, वह 28 अक्तूबर को अपने पिता से मिलने फतेहाबाद के गांव भूथनकलां पहुंची थीं। इसी दिन उसकी बहन रूकेश व बहनोई अमन पूनियां भी गांव आए हुए थे।

 

 

सोनाली फोगाट का कहना है कि, उसकी बहन और बहनोई ने उसके साथ झगड़ा और गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। इसलिए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। सोनाली फोगाट ने पुलिस को दी शिकायत में अपनी बहन और बहनोई के फोन नंबर भी उपलब्ध करवाए हैं, लेकिन नंबर स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं। हालांकि शिकायत में झगड़े की वजह के बारे में कोई बात नहीं लिखी गई है।

 

 

बता दें कि, भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट अपने टिक टॉक वीडियो के चलते हमेशा ही चर्चा में रहती हैं, और इनकी प्रसिद्धि को देखते हुए ही भाजपा ने इस बार उन्हें आदमपुर से विधानसभा सीट से चुनाव का टिकट दिया था। सोनाली ने दिग्गज कांग्रेसी नेता कुलदीप बिश्रोई के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरी थी। महज 15 दिनों के प्रचार में उन्हें 35 हजार से अधिक मत मिले थे, लेकिन वो अपनी जीत सुनिश्चित नहीं कर सकी थीं।