Breaking: प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से धनउगाही का खेल

प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से धनउगाही का खेल

 

 

रायपुर भसरौल,फतेहपुर। विजयीपुर विकास खण्ड के रायपुर भसरौल ग्राम सभा में इन दिनों सरकारी योजना के लाभार्थियों से धन उगाही का खेल बदस्तूर जारी है। पात्रों से अवैध वसूली का खेल बिचौलियों के द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। ग्राम प्रधान व जिम्मेदारों के धनदोहन से एक ओर जहां ग्रामीण त्रस्त हैं, वहीं दूसरी ओर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ व देश के मुखिया नरेंद्र मोदी के द्वारा गांव में विकास कार्यों और ग्रामीणों के लिए चल रही तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को पंख नही मिल रहा है।

 

 

पाठकों को बता दें कि, विजयीपुर विकास खण्ड का रायपुर भसरौल ग्राम सभा जिम्मेदारों की लूट का शिकार हो रहा है। ग्राम प्रधान छेदी लाल निषादग्राम सचिव के द्वारा ग्राम सभा के विकास का पर कतरा जा रहा है। ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से जबरन धन उगाही की जा रही है। सिर इतना ही नही जो भी पात्र ग्राम प्रधान को रिश्वत देने से मना करता है, उसे योजना के लाभ से वंचित करने की धमकी दी जा रही है। ओडीएफ जैसी योजनाओं में भी जमकर वसूली की बात सामने आ रही है।

 

– पात्रों को बिना रिश्वत दिए नही मिलता आवास का लाभ….

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बताते चलें कि, ग्राम सभा के लोगों की चर्चाओं पर जाएं तो यहां सरकारी धन की बड़े पैमाने में लूट हो रही है। नाली, खड़ंजा आदि के लिए आये धन की निकासी तो हो जाती है, परंतु विकास कार्य नही होता। यही कारण है कि ग्राम सभा के कई गांवों में नालियां बज-बजा रही है, तो कहीं घरों का गन्दा पानी सड़क और खड़ंजा में बह रहा है। ग्रामीणों ने कई बार उच्चाधिकारियों से गांव की समस्या से निजात के लिए आवाज उठाई है। लेकिन जांच का आस्वाशन देकर ग्रामजनों की समस्या को अफसर दरकिनार कर देते हैं।

 

– ग्राम प्रधान की कमाऊ नीति से ग्रामीण परेशान….

 

हुक्मरानों की बेपरवाही से ग्राम प्रधान व जिम्मेदारों को शह मिल जाता है। अधिकारी भी जांच के नाम पर कागजी घोड़ा दौड़ाते हुए मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, कई बार शिकायत के बाद भी ग्राम प्रधान ग्राम सचिव के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नही की गई। ताजा मामला ग्राम सभा के लोहारन डेरा का है। जहां प्रधानमंत्री आवास में ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव के द्वारा पात्र लाभार्थियों से बीस-बीस हजार की जबरन वसूली की गई है। आवास के नाम पर रिश्वत न देने पर पात्रों को लाभ से वंचित करने की धमकी दी जा रही है। ग्राम प्रधान के इस कमाऊ नीति से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों ने जिला अधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए जांच कर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग की है।