सूचना विभाग हुआ विफल, संयुक संघर्ष मोर्चा का अनशन सफल

Uttrakhand sanyukt sangharsh morcha

सूचना विभाग ने टेके पत्रकारों के आगे घुटने……

देहरादून। आज दिनांक- 02/08/19 को उत्तराखंड पत्रकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा की सभी मांगो को राज्य सरकार व सूचना विभाग ने आज स्वीकार किया। पिछले आठ दिनों से लगातार सूचना विभाग पर धरना प्रदर्शन कर रहे लघु व मँझोले समाचार पत्र/पत्रिका के पत्रकारों की मांगो को माने जाने पर सभी पत्रकार साथियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।

संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ग्यारह मांगों को लेकर आज दिन शुक्रवार दिनांक-02/08/2019 को वरिष्ठ पत्रकार संजीव पंत सुबह से आमरण अनशन पर बैठ गए थे। साथ ही वरिष्ठ पत्रकार जीत मणि पेनियुलि क्रमिक अनशन( मौन व्रत ) पर बैठे थे। आमरण/क्रमिक अनशन के साथ सभी पत्रकारों ने जोर शोर से धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन लगभग 2 बजे तक जारी रहा। उसी बीच अपर निदेशक सूचना विभाग डॉ अनिल चंदोला ने पत्रकार संजीव पंत को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त करवाया, और सभी मांगो को माने जाने की भी घोषणा की।

संजीव पंत सीनियर जॉर्नलिस्ट

-पत्रकारों द्वारा मांगी गई सभी मांगे जायज…….

डॉ चंदोला ने ज्ञापन में लिखी सभी मांग पत्रकारों के सामने पढ़कर सुनाते हुए प्रत्येक पर अपनी सहमति व्यक्त की। चंदोला ने पत्रकारों को आश्वासन दिया और बताया कि, कुछ मांगो पर आज सुबह से ही कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। श्रीदेव सुमन की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि व्यक्त करने वाला विज्ञापन स्थानीय अखबारों को न दिए जाने पर खेद व्यक्त किया, और इसे एक चूक मानते हुए इसकी प्रतिपूर्ति शीघ्र कराने का आश्वासन दिया।

 

साथ ही कहा कि, पत्रकारों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा व पत्रकारों को विश्वास में लिए बिना नियमावली में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। डॉ अनिल चंदोला ने यह भी बताया कि, न्यूज़ पोर्टल के एंपैनलमेंट की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है। एंपैनलमेंट के लिए अखबारों में विज्ञापन दिए जा रहे हैं। इस के अलावा डॉ अनिल चंदोला ने बताया कि वेब पोर्टल के पत्रकारों को भी मान्यता की दायरे में लाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने कहा कि, गूगल को अब कोई भी विज्ञापन जारी नहीं होंगे। केवल वेब पोर्टल को ही विज्ञापन जारी किए जाएंगे।

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उत्तराखंड पत्रकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पत्रकारों ने कल सीएम त्रिवेंद्र रावत सहित सूचना विभाग को पत्र प्रेक्षित कर 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। कि, यदि पत्रकारों की 11 सूत्रीय मांगे नहीं मानी गई तो 2 अगस्त को सुबह 11:00 बजे से पत्रकारों द्वारा आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

आमरण अनशन व धरना प्रदर्शन सूचना विभाग

पत्रकारों की एकजुटता के आगे विभाग ने एक हफ्ते में ही घुटने टेक दिए। सभी पत्रकार साथियों ने खुशी जताई और सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, 1 महीने बाद अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तो उसके बाद मोर्चा एक नए रुख पर अग्रसर होगा।

अनशन की समाप्ति वरिष्ठ पत्रकार संजीव पंत ने एक लोक गीत सुनाते हुए कि, गीत के बोल कुछ यूं थे,
जितने बाजू उतने सर, सुनले दुश्मन ध्यान से,
खेलेंगे हम हर बाजी को, जब खेलेंगे जी जान से।

सभी पत्रकार साथियों ने वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल को भी आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। क्योंकि, पिछले आठ दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन में सभी पत्रकार साथियों का हौसला बनाये रखा। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के सभी साथियों ने सेमवाल जी को कैप्टन कूल का नाम दिया।