उपलब्धि: DBUU के सहायक प्राध्यापक बने PH.D धार, गुर्दे की पथरी के उपचार पर किया शोध

DBUU के सहायक प्राध्यापक बने PH.D धार, गुर्दे की पथरी के उपचार पर किया शोध

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय (DBUU) के स्कूल ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में सहायक प्राध्यापक डॉ. भूपेन्द्र कुमार टम्टा ने फार्मास्युटिकल साइंसेज में पीएचडी की अंतिम मौखिक परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

बागेश्वर जिले के खर्कटम्टा गांव के निवासी डॉ. भूपेन्द्र अपने गांव के पहले पीएचडी धारक बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

डॉ. भूपेन्द्र का शोध गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बहुऔषधीय हर्बल फॉर्मूलेशन के विकास और मूल्यांकन पर केंद्रित रहा। उनके शोध का उद्देश्य इस क्षेत्र में हर्बल फॉर्मूलेशन की संभावनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन करना है।

उनके शोध निर्देशक प्रो. डॉ. तरुण पराशर और सह-शोध निर्देशक डॉ. सायंतन मुखोपाध्याय रहे, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने अपना शोध कार्य पूरा किया।

डॉ. भूपेन्द्र कुमार टम्टा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता श्रीमती अनीता टम्टा और श्री गुसाईं लाल टम्टा, पत्नी श्रीमती सीमा टम्टा तथा अपने शोध निर्देशकों के मार्गदर्शन, सहयोग और आशीर्वाद को दिया। उन्होंने इस उपलब्धि को अपने परिवार और मार्गदर्शकों के सहयोग का परिणाम बताया।

उनकी इस उपलब्धि पर देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। विश्वविद्यालय परिवार ने इसे संस्थान के साथ ही उत्तराखंड के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। डॉ. भूपेन्द्र की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।