राजनीति: हरदा के चुनावी संकेत, भाजपा नेता का इस्तीफा और कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान पर खास खबर पढ़ें….

हरदा के चुनावी संकेत, भाजपा नेता का इस्तीफा और कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान पर खास खबर पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में गुरुवार को कई घटनाक्रम चर्चा का केंद्र रहे। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी धन्यवाद संवाद यात्रा के दौरान 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दिए और भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए।

वहीं बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के पिता राम शरण नौटियाल ने भाजपा से इस्तीफे की पुष्टि करते हुए पार्टी के कुछ नेताओं पर सम्मान और अनुशासन की अनदेखी का आरोप लगाया।

दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में दो महिला प्रवक्ताओं के बीच कथित ‘टेबल वॉर’ भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।

हरिद्वार से शुरू हुई धन्यवाद संवाद यात्रा के दौरान हरीश रावत का कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। लक्सर में उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के अनुशासित सिपाही हैं और यदि पार्टी नेतृत्व चाहेगा तो 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य कांग्रेस को मजबूत करना और प्रदेश में पार्टी की सरकार बनाना है। यात्रा के दौरान किसानों, बेरोजगारी, महंगाई और बिजली बिलों जैसे मुद्दों को प्रमुख जनसमस्याओं के रूप में सामने रखा गया।

इसी दौरान हरीश रावत ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए उन्हें “पलटूराम” बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पहले भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट किया और बाद में भाजपा के साथ चले गए।

हरीश रावत ने भाजपा पर वोट चोरी के आरोप भी लगाए और कहा कि जनता बदलाव चाहती है। उनकी यात्रा में “टाइगर इज बैक” पोस्टर भी आकर्षण का केंद्र बना रहा।

उधर, देहरादून में भाजपा के वरिष्ठ नेता और गायक जुबिन नौटियाल के पिता राम शरण नौटियाल ने पार्टी से इस्तीफे की पुष्टि कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि जहां सम्मान और अनुशासन न हो, वहां किसी को नहीं रहना चाहिए।

राम शरण नौटियाल ने दावा किया कि पार्टी के कुछ नेताओं के व्यवहार से आहत होकर उन्होंने यह निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को ई-मेल के माध्यम से भेज दिया गया है।

वहीं कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में मीडिया कक्ष की एक टेबल को लेकर दो महिला प्रदेश प्रवक्ताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान भी चर्चा में रही।

बताया जा रहा है कि अलग-अलग दिनों में मीडिया ब्रीफिंग करने वाली दोनों प्रवक्ताएं अपनी सुविधा और मान्यताओं के अनुसार टेबल की दिशा बदल देती हैं।

हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने इसे सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था बताते हुए किसी विवाद से इनकार किया है।

राजनीतिक गतिविधियों, दलों के भीतर उठापटक और 2027 चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तराखंड का सियासी तापमान लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।

हरीश रावत की सक्रियता, भाजपा में इस्तीफे की गूंज और कांग्रेस की अंदरूनी चर्चाएं आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को और रोचक बना सकती हैं।