बिग ब्रेकिंग: ECI के संधू-जोशी का उत्तराखंड कनेक्शन, 3,922 पंचायत पदों पर उपचुनाव का ऐलान

ECI के संधू-जोशी का उत्तराखंड कनेक्शन, 3,922 पंचायत पदों पर उपचुनाव का ऐलान

देहरादून। निर्वाचन आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बीच उत्तराखंड से जुड़े दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की पृष्ठभूमि भी चर्चा में है।

एक ओर संधू उत्तराखंड के मुख्य सचिव समेत कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं, वहीं डॉ. विवेक जोशी का उत्तराखंड कनेक्शन रुड़की की उस शिक्षण संस्था से जुड़ा है, जहां से उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।

सुखबीर सिंह संधू के उत्तराखंड में प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान विभिन्न विभागों में नीतिगत बदलाव और प्रशासनिक सुधार से जुड़े काम हुए। वह उत्तराखंड सरकार में अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधान सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं।

राजनीतिक जानकार भागीरथ शर्मा के अनुसार, त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद संधू को देहरादून लाया गया था।

संधू का उत्तराखंड से जुड़ाव प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा। उन्हें ट्रेकिंग और पर्वतारोहण में भी रुचि रही है। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सेठी के मुताबिक, संधू उत्तरकाशी जिले में करीब 22 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ब्लैक पीक पर चढ़ाई कर चुके हैं।

उनके कार्यकाल में चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और जमरानी बांध जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति भी आगे बढ़ी। इसके अलावा उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता (UCC) के ड्राफ्ट बिल तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी से भी उनका नाम जुड़ा रहा है।

दूसरी ओर चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी का उत्तराखंड कनेक्शन उनकी शिक्षा से जुड़ा है। 1989 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी जोशी फरवरी 2025 में चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए।

इससे पहले वह हरियाणा के मुख्य सचिव, केंद्र में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव और वित्तीय सेवा विभाग के सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

डॉ. विवेक जोशी ने वर्ष 1987 में तत्कालीन यूनिवर्सिटी ऑफ रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की थी। यही संस्थान बाद में आईआईटी रुड़की बना।

उन्होंने हरियाणा में जींद, हिसार और पंचकूला के उपायुक्त के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली और अंबाला मंडल के डिविजनल कमिश्नर रहे।

केंद्र में अपनी जिम्मेदारियों के दौरान वह वित्तीय सेवाओं और कार्मिक प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहे। भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के बोर्ड में सदस्य के रूप में भी उन्होंने काम किया।

पंचायतों के 3,922 पदों पर उपचुनाव

इधर उत्तराखंड में पंचायतों के रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश के 12 जिलों में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के कुल 3,922 पदों पर उपचुनाव कराया जाएगा।

मतदान 12 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 14 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

आयोग के अनुसार, इनमें ग्राम पंचायत सदस्य के 3,890, ग्राम प्रधान के 23 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 9 पद शामिल हैं।

वर्ष 2025 में हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए गए थे। इसके बाद विभिन्न कारणों से खाली हुए पदों को भरने के लिए अब उपचुनाव कराया जा रहा है।

उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 26 सितंबर से शुरू हो गई है। उम्मीदवार 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।

3 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 4 अक्टूबर नाम वापसी की अंतिम तिथि है। 5 अक्टूबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद 12 अक्टूबर को मतदान और 14 अक्टूबर को मतगणना एवं परिणामों की घोषणा होगी।

चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिला स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कार्मिकों की तैनाती, मतपत्रों की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।