Weather Alert: बारिश से बढ़ीं पहाड़ की मुश्किलें, कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट। देहरादून में 6 मार्ग बाधित

बारिश से बढ़ीं पहाड़ की मुश्किलें, कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट। देहरादून में 6 मार्ग बाधित

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है और पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम लगातार करवट बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

सबसे अधिक 55 मिमी वर्षा लीती में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चोरगलिया में 37.5 मिमी, लैंसडाउन में 37 मिमी, नैनीताल में 32 मिमी, रानीखेत में 28.5 मिमी, झूलाघाट में 28 मिमी, लोहाघाट में 23.5 मिमी, मुक्तेश्वर में 16.5 मिमी, कालाढूंगी में 15.5 मिमी, हल्द्वानी व गुलरभोज में 15-15 मिमी, चमोली में 13 मिमी तथा जौलजीबी में 12 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने 13 सितंबर को पिथौरागढ़, बागेश्वर समेत सभी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 14 और 15 सितंबर को भी पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। इन दोनों दिनों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि 16 सितंबर से वर्षा की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं।

विभाग का अनुमान है कि 20 सितंबर के बाद प्रदेश से मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और 25 सितंबर तक मानसून पूरी तरह विदा हो सकता है।

इधर, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून की 13 सितंबर सुबह 8:30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में मौसम सामान्य बना हुआ है, जबकि मसूरी क्षेत्र में कोहरा दर्ज किया गया। जिले में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर सामान्य श्रेणी में बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार जनपद में कुल 860 सड़क मार्गों में से 854 खुले और 6 मार्ग बंद हैं। बंद मार्गों में हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानू मोटर मार्ग, मालदेवता-सेरकी मोटर मार्ग, मालदेवता-सेरकी-सिल्ला-मैसवाड़ ग्रामीण मार्ग, गडोल-सकरोल मोटर मार्ग तथा हनोल-चतरा मोटर मार्ग शामिल हैं। संबंधित विभागों द्वारा मार्गों को खोलने का कार्य जारी है।

जिला प्रशासन के अनुसार बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। पेयजल से संबंधित प्राप्त शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। नगर निगम देहरादून क्षेत्र में 23 जर्जर एवं जोखिमपूर्ण भवनों को चिह्नित किया गया है, जिन पर प्रशासन की निगरानी जारी है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार जिले में अब तक जलभराव, पेड़ गिरने और अन्य वर्षा संबंधी घटनाओं की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निस्तारण किया जा चुका है।

राहत की बात यह है कि वर्तमान रिपोर्ट में बादल फटने, भूस्खलन, मानव या पशु हानि तथा यातायात पूर्णतः बाधित होने की कोई नई सूचना नहीं है।

प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।