आफत की बारिश! मसूरी रोड ध्वस्त, अल्मोड़ा में एक ही परिवार के 3 की मौत, देहरादून में कार बहने से 2 की मौत
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश अब आफत बनती जा रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच भूस्खलन, सड़क धंसने और नदी-नालों के उफान पर आने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
देहरादून से लेकर अल्मोड़ा और मसूरी तक बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
वहीं अल्मोड़ा के हवालबाग क्षेत्र में मलबा मकान के अंदर घुसने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बरसाती खाले के तेज बहाव में कार बहने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती को गंभीर हालत में रेस्क्यू किया गया।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर टूटा पहाड़, सड़क का बड़ा हिस्सा बहा
लगातार बारिश के बीच मंगलवार तड़के करीब पांच बजे मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से आए मलबे और तेज पानी के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया, जिसके बाद देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया।
सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और मसूरी आने-जाने वाले स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इससे कुछ घंटे पहले ही सोमवार देर रात गलोगीधार के पास भारी भूस्खलन हुआ था। यहां सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मात्रा में मलबा आ गया था।
लोक निर्माण विभाग की टीम ने करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग दो बजे मार्ग से मलबा और बोल्डर हटाकर यातायात बहाल किया था। लेकिन राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी और पानी वाले बैंड के पास फिर हुए भूस्खलन ने सड़क संपर्क को पूरी तरह बाधित कर दिया।
लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर सड़क खोलने में जुटी है। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्से के पास पहाड़ काटकर वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। फिलहाल मसूरी जाने के लिए मसूरी-किमाड़ी मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह मार्ग कई स्थानों पर संकरा है। ऐसे में यहां भी बेहद सावधानी बरतने को कहा गया है।
अल्मोड़ा में मलबे ने उजाड़ा परिवार, तीन की मौत
बारिश के बीच अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड के ओडयूड़ा गांव में दर्दनाक हादसा हुआ। मंगलवार सुबह करीब चार बजे भारी मलबा एक मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। मलबे की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल के मुताबिक, जिला आपदा कंट्रोल रूम को 112 के माध्यम से मकान में मलबा घुसने और लोगों के दबे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
बताया गया कि मकान के एक हिस्से में परिवार के बुजुर्ग मौजूद थे, जो सुरक्षित बच गए। वहीं बगल के कमरे में परिवार की बहू, उसका बेटा और बेटी सो रहे थे। इसी दौरान पीछे की ओर से आया भारी मलबा दीवार तोड़ते हुए कमरे में घुस गया और तीनों लोग उसके नीचे दब गए।
रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाला। मौके पर सीओ रानीखेत, एसडीएम, तहसीलदार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया गया। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रेमनगर में बरसाती खाले में बही कार, दो की मौत
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में भी भारी बारिश ने दो लोगों की जान ले ली। देर रात लोअर कंडोली-पौंधा रोड स्थित कंडोली पुल के पास राजस्थान नंबर की क्रेटा कार तेज बरसाती बहाव की चपेट में आकर बह गई। वाहन में एक युवक और दो युवतियां सवार थीं।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की डाकपत्थर टीम अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और रात में ही सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया। तेज बहाव और खराब मौसम के बावजूद टीम ने कई घंटे तक आसपास के क्षेत्र में तलाश जारी रखी।
सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर एक युवती घायल अवस्था में मिली। एसडीआरएफ ने उसे सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया। वहीं कार में सवार अक्षय, उम्र करीब 20 वर्ष, निवासी जयपुर, राजस्थान और एक अन्य युवती का शव बरामद किया गया।
एसडीआरएफ के मुताबिक, भारी बारिश के कारण रपटे पर बरसाती पानी का तेज बहाव था। इसी दौरान कार बहकर बरसाती खाले में चली गई और करीब दो किलोमीटर दूर जाकर मिली। हादसे में दो लोगों की मौत हुई, जबकि एक युवती घायल हुई है।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
बारिश से लगातार बिगड़ते हालात के बीच मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है।
इसके अलावा पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और हरिद्वार समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के एक-दो दौर होने की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं तेज बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का पूर्वानुमान है।
देहरादून में आज आसमान में आंशिक से सामान्य रूप से बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट मोड पर
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए देहरादून, चंपावत और पिथौरागढ़ में कक्षा 12वीं तक के सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में कई संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करें। नदी-नालों और बरसाती गदेरों के आसपास जाने से बचें तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
उत्तराखंड में बारिश का यह दौर एक बार फिर पहाड़ों की संवेदनशीलता और आपदा के बढ़ते खतरे की गंभीर तस्वीर सामने ला रहा है।
एक तरफ सड़कें और संपर्क मार्ग टूट रहे हैं, तो दूसरी तरफ मलबा और तेज पानी लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक प्रशासन के साथ आम लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।


