एक दिन, कई घटनाएं! टेंपो पलटा, लेंटर गिरा, गुलदार का खौफ और STF की बड़ी कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को हादसों, बारिश से पैदा हुए खतरों, वन्यजीवों की दहशत और अपराध की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों से भरा टेंपो ट्रेवल्स ब्रेक फेल होने के बाद पलट गया।
अल्मोड़ा में तेंदुए के हमले के बाद लगाए गए पिंजरे में उसका शावक फंस गया, जिसे वन विभाग ने सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
वहीं मसूरी में बारिश के बीच पेड़ गिरने और सड़क धंसने की घटनाओं से खतरा बढ़ गया। उधम सिंह नगर के काशीपुर में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से एक युवक की मौत हो गई और उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
उत्तरकाशी के सोनगाड़ क्षेत्र में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब राजस्थान के यात्रियों से भरा टेंपो ट्रेवल्स अचानक ब्रेक फेल होने के बाद सड़क पर पलट गया।
वाहन संख्या UK-14 PA 5006 में कुल 17 यात्री सवार बताए गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत एवं बचाव के लिए रवाना हुईं।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार चालक ने ब्रेक फेल होने के बाद वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन टेंपो सड़क पर ही पलट गया।
कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए गंगनानी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं के अनुसार प्रारंभिक सूचना में सभी यात्रियों को सुरक्षित बताया गया और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं मिली।
उधर अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के बाड़ेछीना स्थित छानी गांव में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। बीते दिनों दुकान जा रहे दीवान सिंह पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था।
इसके बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगाए, लेकिन तेंदुआ पकड़ने के बजाय करीब चार माह का उसका शावक पिंजरे में कैद हो गया। शावक के पिंजरे में फंसने के बाद मादा गुलदार के क्षेत्र में होने की आशंका और गहरा गई।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शावक को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। हवालबाग के वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्या ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में दोबारा पिंजरा लगाया है, जबकि लोगों को अकेले बाहर न निकलने और झुंड में आवाजाही करने की सलाह दी गई है।
मसूरी में भी बारिश के बीच हादसे का खतरा सामने आया। मॉल रोड पर एक सूखा और जर्जर पेड़ टूटकर पहले एंटीक रेलिंग से टकराया और फिर एक होटल की छत पर जा गिरा। हादसा रात के समय हुआ, जब सड़क पर लोगों की आवाजाही कम थी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
फायर सर्विस और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को काटकर हटाया और यातायात सुचारु कराया। पेड़ गिरने से होटल की छत, नीचे खड़ी कार और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है।
मसूरी-देहरादून मार्ग के पानी वाला बैंड क्षेत्र में भी भूस्खलन के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया। इससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
लोक निर्माण विभाग की टीम ने मलबा हटाकर मार्ग को एक तरफ से खोल दिया। वहीं अल्मोड़ा-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर पाण्डेखोला के पास एक भारी-भरकम ओवरहेड गैन्ट्री साइन बोर्ड सड़क पर गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में गाड़ी हटाने को लेकर हुआ विवाद भी हिंसक रूप ले बैठा। एक हॉस्टल के पास बस चालक और फॉर्च्यूनर सवार लोगों के बीच विवाद के दौरान डंडे से हमला और लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप लगा।
पुलिस ने मामले में गौरव, मनीष नेगी और नीरज राजपूत को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, डंडा और फॉर्च्यूनर कार बरामद की गई है।
पुलिस ने पिस्टल के कथित दुरुपयोग को गंभीरता से लेते हुए शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में निर्माणाधीन मकान का लेंटर अचानक गिरने से दो सगे भाई मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों, पुलिस और दमकल विभाग ने राहत-बचाव अभियान चलाकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकों ने 28 वर्षीय जाकिर को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके 40 वर्षीय भाई शकील का उपचार चल रहा है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और प्रशासन लेंटर गिरने के कारणों की जांच कर रहा है।
देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डोईवाला से लच्छीवाला, मणिमाई मंदिर, लालतप्पड़, नुन्नावाला और मोतीचूर फ्लाईओवर तक का मार्ग बीते वर्षों में कई बड़े हादसों का गवाह बन चुका है।
तेज रफ्तार, भारी वाहनों का दबाव, ब्रेक और टायरों की तकनीकी खराबी, सड़क किनारे खड़े वाहन और यातायात नियंत्रण व्यवस्था जैसे मुद्दे बार-बार सामने आ रहे हैं।
19 अगस्त को मणिमाई मंदिर के पास हुए हादसे में चार लोगों की मौत और तीन अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने एक बार फिर इस कॉरिडोर की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए।
इससे पहले लच्छीवाला टोल प्लाजा पर बेकाबू डंपर द्वारा कारों को टक्कर मारने, बसों के ब्रेक फेल होने और भारी वाहनों के अनियंत्रित होने जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।
एनएचएआई और पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर निगरानी और सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार हो रहे हादसे पूरे मार्ग के व्यापक रोड सेफ्टी ऑडिट की जरूरत को रेखांकित कर रहे हैं।
वहीं उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री से जुड़े एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके मुख्य सरगना विशद कुमार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर से गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी पहले कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी का मालिक रह चुका है। जांच में कंपनी का नाम पूर्व में नकली रेमडेसिविर मामले में भी सामने आया था।
एसटीएफ के मुताबिक गिरोह प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल तैयार कर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से बिक्री करता था।
इससे पहले मामले में संभल निवासी जतिन और देहरादून निवासी गौरव त्यागी को गिरफ्तार किया जा चुका है। मई 2026 में कोटद्वार स्थित फैक्ट्री पर की गई कार्रवाई के दौरान करीब तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। फैक्ट्री को सीज कर दिया गया था।
इसके अलावा पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 192 एटीएम कार्ड, एक तमंचा, जिंदा कारतूस और वारदातों में इस्तेमाल कार और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी बुजुर्गों, महिलाओं और भोले-भाले लोगों को मदद के बहाने निशाना बनाते थे, एटीएम कार्ड बदलकर पिन की जानकारी हासिल करते और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे।
प्रदेश में एक ही दिन में सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, वन्यजीवों की बढ़ती दस्तक और संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत को प्रमुखता से सामने ला दिया है।


