उत्तराखंड में अमीरों ने डकारा गरीबों का राशन! 18,600 अपात्र राशन कार्ड निरस्त
देहरादून। उत्तराखंड की सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेशभर में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान 18 हजार 600 ऐसे राशन कार्ड धारक पाए गए, जो मुफ्त या सब्सिडी वाले राशन के लिए पात्र नहीं थे।
जांच के बाद इन सभी राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है। यह सत्यापन अभियान 28 अप्रैल से 29 जून 2026 के बीच आठ चरणों में चलाया गया। जांच में ऐसे परिवार भी सामने आए, जिनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हो चुकी थी, लेकिन वे अब भी सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे।
कई मामलों में परिवार की आय बढ़ गई थी, किसी सदस्य को सरकारी नौकरी मिल गई थी, परिवार आयकर के दायरे में आ चुका था या कार्डधारक की मृत्यु के बावजूद राशन कार्ड सक्रिय था। स्थानीय स्तर पर जांच के बाद अपात्र पाए गए कार्ड निरस्त किए गए।
23 लाख से ज्यादा राशन कार्ड, नए जरूरतमंदों के लिए बन रही थी समस्या
उत्तराखंड में राशन कार्डों की संख्या 23 लाख से अधिक है। राशन कार्डों की संख्या तय कोटे के अनुसार होने के कारण नए जरूरतमंद परिवारों को कार्ड जारी करने में परेशानी आ रही थी।
ऐसे में सरकार ने पुराने कार्डधारकों का बड़े स्तर पर सत्यापन कराने का फैसला किया, ताकि सूची से अपात्र लोगों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को लाभ दिया जा सके।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त बंशीलाल राणा के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर गलत और अपात्र राशन कार्डों की पहचान की गई। अभियान में खाद्य विभाग के साथ जिला प्रशासन को भी शामिल किया गया था।
नैनीताल में सबसे ज्यादा 4,247 कार्ड निरस्त
सत्यापन अभियान में नैनीताल जिले में सबसे ज्यादा 4,247 राशन कार्ड अपात्र पाए गए। इसके बाद देहरादून में 2,886 और उधम सिंह नगर में 1,926 राशन कार्ड निरस्त किए गए। जिलावार कार्रवाई से साफ है कि अपात्र लाभार्थियों का मामला प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय, दोनों क्षेत्रों में सामने आया।
जिलावार निरस्त राशन कार्डों की संख्या:
- नैनीताल – 4,247
- देहरादून – 2,886
- उधम सिंह नगर – 1,926
- पौड़ी गढ़वाल – 1,798
- हरिद्वार – 1,576
- पिथौरागढ़ – 1,573
- टिहरी गढ़वाल – 1,515
- चमोली – 1,063
- चंपावत – 562
- अल्मोड़ा – 463
- उत्तरकाशी – 449
- रुद्रप्रयाग – 317
- बागेश्वर – 225
अब नए पात्र परिवारों के लिए खुलेगा रास्ता
राशन कार्डों की संख्या निर्धारित होने के कारण अपात्र कार्डधारकों का सूची में बने रहना वास्तविक जरूरतमंदों के लिए बड़ी समस्या बन रहा था। 18,600 कार्ड निरस्त होने के बाद अब नए पात्र परिवारों को राशन योजना से जोड़ने का रास्ता खुल सकता है।
विभाग ने भविष्य में भी समय-समय पर इस तरह के सत्यापन अभियान चलाने के संकेत दिए हैं, ताकि सरकारी राशन का लाभ केवल वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंच सके।
प्रदेश में हुई यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के नियमित सत्यापन की जरूरत को भी उजागर करती है। अब बड़ा सवाल यह है कि निरस्त हुए इन 18,600 कार्डों की जगह वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को कितनी जल्दी योजना का लाभ मिल पाता है।


