गजब: B.Ed-M.Ed प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी में गड़बड़ी, कौआ बना राष्ट्रीय पक्षी। शिकायत के बाद बदली 

B.Ed-M.Ed प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी में गड़बड़ी, कौआ बना राष्ट्रीय पक्षी। शिकायत के बाद बदली 

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (SSJ University) की ओर से पहली बार आयोजित उत्तराखंड संयुक्त B.Ed और M.Ed प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

16 अगस्त को आयोजित परीक्षा में 5,352 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 17 अगस्त को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उत्तर कुंजी अपलोड होने के बाद कई सवालों के गलत जवाब देखकर परीक्षार्थी हैरान रह गए।

उत्तर कुंजी में भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौआ बताया गया था। इसके अलावा उत्तराखंड को क्षेत्रफल के लिहाज से देश का सबसे छोटा राज्य बताया गया। भारत के साथ सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाले देश के रूप में पाकिस्तान का नाम दर्ज था। वहीं, उत्तराखंड से जुड़े कई सामान्य ज्ञान के सवालों के जवाब भी गलत अपलोड किए गए थे।

उत्तर कुंजी में कई जवाब गलत

सेक्शन डी की उत्तर कुंजी में भारत के राष्ट्रीय पक्षी के सवाल का जवाब कौआ दिया गया। वहीं, भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (FRI) का मुख्यालय हल्द्वानी बताया गया, जबकि इसका मुख्यालय देहरादून में है। उत्तराखंड से राज्यसभा की कुल सीटों की संख्या दो बताई गई, जबकि राज्य में राज्यसभा की तीन सीटें हैं।

इसी तरह पिथौरागढ़ को तिब्बत से जोड़ने वाले दर्रे के सवाल में जोजीला को उत्तर बताया गया, जबकि सही उत्तर लिपुलेख दर्रा है। भारत की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाले देश के सवाल में बांग्लादेश के स्थान पर पाकिस्तान का नाम दर्ज कर दिया गया।

विश्वविद्यालय ने बताया तकनीकी खामी

मामला सामने आने के बाद परीक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद विश्वविद्यालय ने वेबसाइट से पुरानी उत्तर कुंजी हटाकर नई उत्तर कुंजी अपलोड कर दी।

एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. डीएस बिष्ट ने बताया कि सेक्शन ए के सभी प्रश्नों के उत्तर सही थे। अन्य सेक्शन में कंप्यूटर में जम्बलिंग के कारण गलत उत्तर अपलोड हो गए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद पुरानी आंसर की हटा दी गई है और वेबसाइट पर नई उत्तर कुंजी अपलोड कर दी गई है।

हालांकि, उत्तर कुंजी में हुई इस गड़बड़ी को लेकर परीक्षार्थियों में नाराजगी है। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रवेश परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में उत्तर कुंजी जारी करने से पहले उसकी ठीक से जांच की जानी चाहिए थी। फिलहाल विश्वविद्यालय की ओर से संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर दी गई है।