बिग ब्रेकिंग: देहरादून के गर्ल्स कॉलेज में ‘एक्स्ट्रा फीस’ पर हाईकोर्ट सख्त, प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज तलब

देहरादून के गर्ल्स कॉलेज में ‘एक्स्ट्रा फीस’ पर हाईकोर्ट सख्त, प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज तलब

नैनीताल। देहरादून के एक प्रतिष्ठित निजी गर्ल्स इंटर कॉलेज में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं से निर्धारित फीस के अलावा डीजल, कॉलेज रखरखाव, हेल्पर टीचर और अन्य मदों के नाम पर कथित रूप से अतिरिक्त फीस लिए जाने के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई की।

मामले में कोर्ट ने याचिकाकर्ता संस्था आरटीआई क्लब को कॉलेज द्वारा ली जा रही फीस से संबंधित दस्तावेज अतिरिक्त शपथपत्र के माध्यम से पेश करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अतिरिक्त फीस से संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। इसके लिए याचिकाकर्ता को अतिरिक्त एफिडेविट दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख तय की गई है।

निर्धारित फीस के अलावा अतिरिक्त शुल्क लेने का आरोप

मामले के अनुसार, आरटीआई क्लब की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि देहरादून के एक प्रतिष्ठित गर्ल्स इंटर कॉलेज में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं से कॉलेज की निर्धारित फीस के अतिरिक्त विभिन्न मदों में शुल्क लिया जा रहा है। इसमें डीजल, मेंटेनेंस, हेल्पर टीचर और अन्य सहायता के नाम पर रकम लिए जाने का आरोप है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि अभिभावक पहले से ही कॉलेज की निर्धारित फीस समय पर जमा करते हैं। इसके बावजूद अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कई अभिभावक इस अतिरिक्त खर्च को वहन करने में सक्षम नहीं हैं।

अतिरिक्त फीस पर रोक लगाने की मांग

याचिकाकर्ता संस्था का तर्क है कि कॉलेज को निर्धारित फीस के अलावा इस तरह की अतिरिक्त फीस लेने का अधिकार नहीं है। इसलिए अभिभावकों से ली जा रही अतिरिक्त फीस पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है।

अब हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से कॉलेज द्वारा ली जा रही फीस से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज अतिरिक्त शपथपत्र के माध्यम से अदालत में पेश किए जाएंगे। इसके बाद दो सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई में हाईकोर्ट इस मामले पर आगे विचार करेगा।