बिग ब्रेकिंग: करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी बिल्डर शाश्वत गर्ग के घर कुर्की, पासपोर्ट रद्द, LOC जारी

करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी बिल्डर शाश्वत गर्ग के घर कुर्की, पासपोर्ट रद्द, LOC जारी

देहरादून। मसूरी रोड स्थित आर्केडिया हिलॉक्स और इंपीरियल वैली परियोजनाओं में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे बिल्डर शाश्वत गर्ग के खिलाफ दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

राजपुर पुलिस ने न्यायालय से प्राप्त कुर्की वारंट के आधार पर सहस्त्रधारा रोड स्थित उसके आवास की कुर्की की कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से शाश्वत गर्ग और उसके अन्य सहयोगी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड समेत कई राज्यों में दबिश दी गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद न्यायालय से गिरफ्तारी और कुर्की वारंट प्राप्त किए गए।

मामले की शुरुआत 21 नवंबर 2025 को हुई थी, जब आर्केडिया हिलॉक्स सोसाइटी के अध्यक्ष विवेक कुमार की शिकायत पर थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया।

आरोप है कि शाश्वत गर्ग और उसके सहयोगियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर फ्लैट आवंटन के नाम पर कई लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया कि शाश्वत गर्ग अपनी पत्नी साक्षी गर्ग, बेटे, पिता प्रवीण गर्ग और मां अंजली गर्ग के साथ पिछले वर्ष अक्टूबर से लापता है। पुलिस के मुताबिक, परिवार को आखिरी बार उत्तर प्रदेश के हापुड़ में शाश्वत के साले सुलभ गोयल के घर पर देखा गया था।

निवेशकों ने गर्ग परिवार के विदेश भागने की आशंका जताते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत की थी। इसके बाद शाश्वत गर्ग, साक्षी गर्ग और प्रवीण गर्ग के पासपोर्ट रद्द कर दिए गए। साथ ही इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया है, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 22 जुलाई को शाश्वत गर्ग के घर की कुर्की की गई है। अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ भी कुर्की की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि शाश्वत गर्ग ने मसूरी रोड पर आर्केडिया हिलॉक्स ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और थानो क्षेत्र में इंपीरियल वैली प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया था।

आरोप है कि दोनों परियोजनाओं में निवेशकों से करोड़ों रुपये लेने के बावजूद उन्हें न तो संपत्ति का कब्जा दिया गया और न ही वैध आवंटन किया गया।

पुलिस के अनुसार, केवल आर्केडिया हिलॉक्स परियोजना में ही 21 से अधिक फ्लैट आवंटनों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।

इस मामले में गर्ग परिवार, उनके रिश्तेदारों तथा कुछ बैंक और वित्तीय संस्थानों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। वहीं रानीपोखरी थाने में भी शाश्वत गर्ग और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया जा चुका है।