राजनीति: 2027 की जंग की तैयारी में कांग्रेस, देवस्थानम बोर्ड पर भी खोला मोर्चा

2027 की जंग की तैयारी में कांग्रेस, देवस्थानम बोर्ड पर भी खोला मोर्चा

देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अभी से चुनावी अभियान तेज कर दिया है। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, परिवर्तन संकल्प यात्राओं के विस्तार और केंद्रीय नेताओं के लगातार दौरों के जरिए सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है।

इसके साथ ही कांग्रेस ने देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

कांग्रेस के प्रस्तावित कार्यक्रमों के तहत राहुल गांधी जल्द देहरादून में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे तथा संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य केंद्रीय नेताओं के भी उत्तराखंड दौरे प्रस्तावित हैं।

पार्टी का फोकस केवल शहरों तक सीमित न रहकर पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाने पर है।
18 जुलाई को प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें केंद्रीय नेताओं के कार्यक्रम, परिवर्तन संकल्प यात्रा की रूपरेखा और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार पार्टी का चुनावी अभियान बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल संकट और आधारभूत सुविधाओं जैसे जनसरोकारों पर केंद्रित रहेगा।

साथ ही पार्टी इस बार जनता और युवाओं से सुझाव लेकर घोषणापत्र तैयार करने की योजना बना रही है। उम्मीदवार चयन को लेकर भी कांग्रेस ने नई रणनीति बनाई है।

इस बार टिकट केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं बल्कि क्षेत्रीय सक्रियता, संगठनात्मक पकड़, जनस्वीकृति और जीत की संभावना को ध्यान में रखकर दिए जाने की तैयारी है।

हाल ही में देहरादून पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि गुटबाजी छोड़कर संगठनात्मक एकजुटता के साथ चुनाव लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सत्ता में वापसी केवल सामूहिक प्रयास से ही संभव है।

देवस्थानम बोर्ड पर कांग्रेस का विरोध तेज

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा देवस्थानम बोर्ड के पक्ष में दिए गए बयान के बाद कांग्रेस ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है। टिहरी जिले के देवप्रयाग संगम पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने त्रिवेंद्र रावत का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड को पहले भी तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों और जनता के विरोध के चलते वापस लेना पड़ा था। ऐसे में इसे दोबारा लागू करने की बात धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के खिलाफ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मंदिरों के पारंपरिक अधिकारों को समाप्त करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि देवस्थानम बोर्ड को फिर लागू करने का प्रयास किया गया तो पूरे उत्तराखंड में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।