क्राइम रिपोर्ट: एक दिन में कई बड़े अपराध। गैंगस्टर, चढ़ावा कांड, ठगी और नकली नोट गिरोह बेनकाब, प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार

एक दिन में कई बड़े अपराध। गैंगस्टर, चढ़ावा कांड, ठगी और नकली नोट गिरोह बेनकाब, प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को अपराध, पुलिस कार्रवाई और विवादों से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आए। एक ओर एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई हुई और गिरफ्तारी की परिस्थितियों पर सवाल उठने लगे।

वहीं बदरीनाथ धाम के चर्चित चढ़ावा चोरी मामले में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सादे कपड़ों में आए लोगों द्वारा घर से ले जाने के दावे ने मामले को और संवेदनशील बना दिया।

इसके अलावा ऋषिकेश में पर्यटकों के उत्पात, दहेज उत्पीड़न, नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी और नकली नोट गिरोह के खुलासे जैसी घटनाओं ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

उधमसिंह नगर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात और एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद संबंधित थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि चौकी इंचार्ज को भी पद से हटा दिया गया।

पुलिस की ओर से गैंगस्टर को एक खंडहर के पास पेड़ के नीचे से एक जंग लगे तमंचे और तीन कारतूस के साथ गिरफ्तार दिखाए जाने पर गिरफ्तारी की पूरी कहानी सवालों के घेरे में आ गई है। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

बदरीनाथ धाम के चर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण में भी नया मोड़ सामने आया है। निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के परिजनों का आरोप है कि रविवार रात सादे कपड़ों में आए चार लोग स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें बयान दर्ज कराने के नाम पर घर से ले गए, लेकिन कई घंटे बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। परिवार ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

इसी मामले में 45 दिन के बजाय केवल 15 दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने और 32 दिन की फुटेज गायब होने को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र में दिल्ली से आए चार युवकों पर पार्किंग में उत्पात मचाने और बीच-बचाव करने पहुंचे दो स्थानीय युवकों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देहरादून में एक व्यक्ति की शिकायत पर उसकी पत्नी और ससुर के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने पत्नी पर विवाहेतर संबंध, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने, 20 लाख रुपये की मांग और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज वापस न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

हरिद्वार के कनखल में विवाहिता ने पति, सास और ससुर पर 35 लाख रुपये नकद और लग्जरी कार की मांग करते हुए दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देहरादून में विधानसभा और सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवक से लगभग सात लाख रुपये ठगने का मामला भी सामने आया है।

आरोपी पर खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर नियुक्ति का भरोसा देने और अलग-अलग बहानों से रकम वसूलने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वहीं हरिद्वार पुलिस ने नकली नोट गिरोह के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब से दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटर और अन्य सामान बरामद किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह असली 50 हजार रुपये के बदले एक लाख रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराकर मोटा मुनाफा कमाता था।

इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कई मामलों में जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।